जय जय जय भोलेशंकर
(लावणी छंद)
जयजय जयजय भोले शंकर,
जग के गोसइया हरहर।
देंह देव अउ भिन्ना जग के ,
दुख ला टारे गंगाधर ।।
जय जय जय भोले शंकर.....
तोर उघारत तीसर आँखी,
रतिपति बरगे भर-भर-भर।
गर करैत डोमी के माला,
रेंगत हावय सर-सर-सर।।
जय जय जय भोले शंकर.....
हवय बिराजत चंदा मस्तक,
गंगा जटा झरत झरझर ।
शंकर करत अपावन पावन,
अंग-अंग मा राख चुपर ।।
जय जय जय भोले शंकर.....
सृष्टि ल खपले लहुटाये,
ताण्डव नाचत डमरू धर ।।
तोर दुवारी नंदी बइठे,
टहल करत अउ गौरी हर ।
जय जय जय भोले शंकर.....
शोभामोहन