बइठे तरिया पार भवानी
२/कर सजवन सिंगार भवानी ।
१/
कर सजवन सिंगार भवानी ।
बइठे तरिया पार भवानी ।।
मुण्ड माल गर डार भवानी।
सजे तोर दरबार भवानी।।
२/
अखिल जगत तोर राज भवानी।
सुमरत सकल समाज भवानी।।
बइठे सजवन साज भवानी।
देथस तैं धन बाज भवानी।।
३/
तोर हाथ सब भार भवानी।
कर दे बेड़ा पार भवानी।।
अरझौं झन संसार भवानी।
अरजी बारम्बार भवानी।।
४/
अलबेली सरकार भवानी।
करुणा के अवतार भवानी।।
तोर लमाये नार भवानी ।
तहीं करस किरवार भवानी।।
५/
जम्मो जग दुख भाँज भवानी।
मइल मोर मन माँज भवानी।।
सुन ले मोर अवाज भवानी।।
खुश हो जा शिवराज भवानी।
६/
सुनही कोन हमार भवानी।
करही कोन बिचार भवानी।।
तहीं एक आधार भवानी।
खड़े हवन तोर द्वार भवानी।।
७/
चरन कमल में राख भवानी।
हवन अपगुनी लाख भवानी।।
अंधक आयेंव चाख भवानी।
तहीं उगोना पाख भवानी।।
८/
सब जग तोर बिस्तार भवानी।
तहीं अंत अगवार भवानी।।
बोहे तैं जग भार भवानी।
बइठे तरिया पार भवानी।।
९/
सब दुख अलहन टार भवानी ।
सुन के मोर गोहार भवानी।।
परे हवौं तोर द्वार भवानी ।
बारम्बार जोहार भवानी ।।
१०/
एक हाथ तलवार भवानी।
दूसर हाथ कटार भवानी।।
अष्टभुजा अवतार भवानी।।
करथस जबर प्रहार भवानी।।
११/
शक्ति तोर अपार भवानी।
कहूँ नइ पावै पार भवानी।।
देवन सँउरत हार भवानी।
तैं सबके सरकार भवानी।।
१२
सुघ्घर पाटी पार भवानी।
आँखी काजर डार भवानी।।
कर सजवन सिंगार भवानी ।
बइठे तरिया पार भवानी ।।
१३/
सेवा देवत ठाँव भवानी ।
लंगुरे दाबत पाँव भवानी।।
झुमरत सुमरत नाव भवानी।
रहै तोर बन छाँव भवानी।।
१४/
तोर हाथ मोर लाज भवानी।
सुमरौं तोला आज भवानी।।
सिध कर दे सब काज भवानी।
हिरदे मोर बिराज भवानी ।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
विक्रम संवत २०८०
मास माघ तिथि साते दिन सनिच्चर
No comments:
Post a Comment