शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः"
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लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः।
अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥
रात्रिंदिवं प्राणेनासौ,जपेन्नित्यं गुणान् रामे॥
यत्र रामस्तत्र न रोगो, न शोको, न कामः।
क्रोधो द्रोहो मोहो न सन्ति, चित्तं निष्कामम्॥
देहात् गेहात् विरक्तोऽयं, न च बद्धो हि वामया॥
रङ्गसङ्गाद् विरक्तोऽयं, चित्ते हि सः उपरमः॥
ग्रीष्मवृष्टिशरत्काले अविचलो गुणग्रामः॥
नामग्रामे न भेदोऽस्य, त्यजति पोटलिकाम्॥
दुःखसुखे विश्वगते, चित्तं याति विरामम्॥
रङ्गसङ्गाद् विरक्तोऽयं, चित्ते हि सः उपरमः॥
शान्तचित्तवृत्तौ सततं, लभते स विश्रामम्॥
मनुते जानाति च सः, सर्वत्र पश्यति रामम्॥
सम्माने नास्ति तृष्णा, न भयं चापमानतः॥
भेदबुद्धिर्विनष्टा, निर्मलां धियम् लब्धवान् ॥
सोऽहं ब्रह्मेति जानाति, लभते मुक्तिधाम च॥
शुभचन्द्रार्कसुशोभे, हृदि वसति मोहन रामः॥
शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Wednesday, 10 June 2026
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संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
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गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
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सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
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बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...