अटल सोहागिन हर जब पकरिस, अबिनासी के गोड़।
राजपाठ घर द्वार छोड़ सब, भिन्ना सुख मुख मोड़।।
बाजै ढोलक डप्फ मंजीरा, पबरित नदिया घाट।
गंगा डुबकी पाप मोटरी, देथे छिन में काट।।
अत्तर अबीर गुलाल अउ, चंदन केसर गंध।
दरसन प्यास बढ़ात अउ, कसत मया के बंध।।
सुंदर किसन मनोहर मूरत, दरस परस सुख देत।
बिन्दाबन बसवार बर, आवत देवता नेत।।
चारा बाँटत नंदकुमार।
रुनझुन रुनझुन पैजन बाजत, चमचम चमकत हार।
ठिनन ठिनन ठन घंटा घनघन, गउवन के सिंगार।
खरर खरर मुँह चाँटत गइया, देख करत किरवार।
खजुवावत हरि गउ मनभावत, हुमरत करत दुलार।
पुछी उठावत मूड़ डोलावत, देत देह ला डार।
चारा खाये निचट भुलाये, देख बिरिज सरकार ।।
गोड़ जोहारत रेरी पारत, होवन भवजल पार।।
शोभामोहन लीलाधर हरि, गुन गावत जगसार।
शोभामोहन
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Sunday, 23 March 2025
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संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
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गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
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सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
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बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...