आज हमर पूज्य छंद गुरु अरुण कुमार निगम जी के जन्मदिन के परम पावन बेरा में अन्तसतल ले बधाई अउ
गुरु के महिमा गाय हे, गीता बेद पुराण हा ,
अउ गुरु ला बडका कहे, अपनों ले भगवन हा ,
सोना ठुक ठुक मर के, गहना गढत सुनार हा ,
लोहा ला घन पीट के , गडहन देत लुहार हा ,
सब झन गुन ला जान के , रचना रच सुख पात हे ,
देखव आने हे अपन , आने सिरज मडात हे
गुरु समर्थ अपने असन , करथे देके ज्ञान ला ,
तेकर सेती नइ मिलय, गुरु के दरजा आन ला ,
अउ गुरु ला बडका कहे, अपनों ले भगवन हा ,
सोना ठुक ठुक मर के, गहना गढत सुनार हा ,
लोहा ला घन पीट के , गडहन देत लुहार हा ,
सब झन गुन ला जान के , रचना रच सुख पात हे ,
देखव आने हे अपन , आने सिरज मडात हे
गुरु समर्थ अपने असन , करथे देके ज्ञान ला ,
तेकर सेती नइ मिलय, गुरु के दरजा आन ला ,
शोभामोहन श्रीवास्तव

