Saturday, 26 July 2025

बस्तर मोर पुराना हे।गजब कठिन धोवाना हे।

लालालाला लालाला

बस्तर मोर पुराना हे।
गजब कठिन धोवाना हे।
मतलाये तरिया पानी।
अउ काई के रजधानी।।
कामबूता अउ तेलघानी।
मतलाये तरिया पानी।

कोटकोट ले हे चिटियाये।
भकर भकर ये बस्साये।।
सबो लाभ होगे हानी।
मतलाये तरिया पानी।

खीसा में नइ पाई हे।
माटीराख न भाई हे।।
लाग-नता बदले बानी।
मतलाये तरिया पानी।।
जे पथरा मूँड़ धारे हौं।
तेला गोड़ कचारे हौं।।
देखत जग आनीबानी।
मतलाये तरिया पानी।।

जेकर संग हे गुरलाटा।
साने उही लुगरा पाटा।।
सीखा देवत नादानी।
मतलाये तरिया पानी।।

शोभामोहन
11/05/2023

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...