Sunday, 27 July 2025

उड़त मन जल जगघेरापार

उड़त मन चल जगघेरापार
उड़त मन चल जगघेरापार
पवन अगन भुँइया जल नभतल,घेरा ले चल पार।
पवन अगन भुँइया जल नभतल,घेरा ले चल पार।
उड़त मन चल जगघेरापार
उड़त मन चल जगघेरापार
चंद्रचंदैनी रबि नछत्तर, नहक जगतबिस्तार।।
चंद्रचंदैनी रबि नछत्तर, नहक जगतबिस्तार।।
उड़त मन चल जगघेरापार।।
उड़त मन चल जगघेरापार।।
नरकसरग सुख ठगजग भाँवर,जीव खा जाही हार।
नरक-सरग सुख ठगजग भाँवर,जीव खा जाही हार।
असल-नकल के बिपत सकल ले, उबरे भज सरकार।।
असल-नकल के बिपत सकल ले, उबरे भज सरकार।।

शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन 

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