Saturday, 2 August 2025

मैं जनपद की स्वरलहरी हूँ ।

मैं जनपद की स्वरलहरी हूँ ।
जो भी हूँ छिछली गहरी हूँ।।
कालताल गतिमान संगिनी,
कभी नहीं मैं भी ठहरी है।।


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन 

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