चुनावी दोहा
पाछू झन भसकोल दै, सोंच समझ दे बोट।।
बोट लिये बर नोट ला, बाँटै नेता लोग ।
फेर वसूलैं जीत के, बिगन दया अउ सोग।।
दारू कुकरी बाँट के, जीतै जेन चुनाव।
देशराज लूटै नँगत, राखे रहू हियाव।।
अन्ना ला गन्ना असन, चगलिस जे बईमान।
पै पाखा अब उघरगे, भुँइया परे उतान।।
अन्ना गन्ना कस चगल, रचदिस झूठ पहाड़ ।
पन्ना पन्ना खुल गइस, बेंडा गइस तिहाड़।।
पोंकत पाकिस्तान अउ, चिरकत घूँचत चीन।
फोसनत मोदी साँप कस, रोवावत गउकीन।।
पाक कटोरा धर फिरत, पाछू घूँचत चीन।
भारत मोदी शाह अउ, योगी तिकड़ी तीन।।
कुटहा पाकिस्तान ला, मोदी सबक सिखात।
भूख मरत जनता उँकर, अल्लर पर लरघात।।
पै पाखा अब उघरगे, भुँइया परे उतान।।
अन्ना गन्ना कस चगल, रचदिस झूठ पहाड़ ।
पन्ना पन्ना खुल गइस, बेंडा गइस तिहाड़।।
पोंकत पाकिस्तान अउ, चिरकत घूँचत चीन।
फोसनत मोदी साँप कस, रोवावत गउकीन।।
पाक कटोरा धर फिरत, पाछू घूँचत चीन।
भारत मोदी शाह अउ, योगी तिकड़ी तीन।।
कुटहा पाकिस्तान ला, मोदी सबक सिखात।
भूख मरत जनता उँकर, अल्लर पर लरघात।।
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