देख तोर एक वोट धमक देखात हे।
देख तोर एक वोट देश ला बदलत हे,
देख तोर वोट बल राष्ट्रवाद छात हे ।
देख तोर एक वोट राज खुसियाली भर,
नक्सलवादी मन के नाव ला बुतात हे।
देख तोर एक वोट गाँव ला सजोर कर,
सँगसी गली घर दुवार चमकात हे।
देख तोर एक वोट गढ़त भारत भाग,
देख तोर एक वोट धमक देखात हे।
देख तोर एक वोट संस्कृति बचाय बर,
अंगद असन पाँव जबर जमात हे।
देख तोर एक वोट भाखा के सरेखा कर,
तोर पुरखा ले तोर मया ला गढ़ात हे ।
देख तोर एक वोट धोवत कलंक देश,
देख तोर एक वोट सुते ला जगात हे ।
देख तोर एक वोट कइसे जोड़त देश,
देख तोर एक वोट धमक देखात हे।
देख तोर एक वोट पाक ला पियात पानी,
उधेन उधेन पोनी कस धुनियात हे ।
देख तोर एक वोट चीन ला देखात आँखी,
घुसपैठिया ला चिन्ह चिन्ह के भगात हे।
देख तोर वोट बल अमेरिका होत थर,
ईटा के जवाब पथरि असन पात हे।
देख तोर एक वोट बिला में खुसरे साँप,
बाहिर निकाल चार झन ला दिखात हे।
देख तोर वोट बल ब्रह्मोस तेजस टेके,
आकाश मिसाइल बैरी ला लतियात हे।
देख तोर एक वोट धमक देखात हे।
देख तोर एक वोट राष्ट्र निर्माण करे,
भारत भुँइया नवा नेव ला मढ़ात हे ।
देख तोर एक वोट अवध में रामलला,
मंदिर बनाके पूरा विश्व ला चौंकात हे ।
देख तोर एक वोट काशी के उदासी काट,
शिवपुर दिब्यता के गौरव बहुरात हे।
देख तोर एक वोट खोटहा सिक्का मन के,
रतिहा नींद दिन के चैन ला चोरात हे।
देख तोर एक वोट धमक देखात हे।
देख तोर एक वोट धरमबिमुख बैरी,
मुड़मुत्ता रउँदे हे गोड़तरी लात हे ।
देख तोर एक वोट दुबके रहस तेला,
मुड़ उठा छाती तान जिये ला सिखात हे ।
देख तोर एक वोट वंशवाद बरगद,
जर खन मही धार डार उपकात हे ।
देख तोर एक वोट दिंयार बाँबी उझार,
देख तोर एक वोट धमक देखात हे। ।
देख तोर एक वोट सूरा मन ला सपेट,
टूरा मन ला लपेट संग जुरियात हे।
देख तोर एक वोट पाक के टोंटा मुसेट,
धराके कटोरा रोज भीख मँगवात हे ।
अरिदल छोट-मोट गिंगियात गोड़ लोट,
सोंट सोंट सोंटा में घमंडी सोझियात हे।
देख तोर एक वोट सुधारत मसमोट,
भ्रष्टाचारी के ऊपर हंटर चलात हे।
देख तोर एक वोट धमक देखात हे। ।
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
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