फेंक दिहौं जमुना मा बंशी
फेंक दिहौं जमुना मा बंशी कन्हैया ।
लोक्खन के अतलंगहा
दाऊ के भैया।।
बाँसे के बंशी बर अतका मया हे।
मोरे बर चिटको नइ उले दया हे।।
बनन बनन मधुबन
निधिबन के बिहरैया।
फेंक दिहौं जमुना मा बंशी कन्हैया ।
झुलना झूलत बइठस कदम के डारी।
पुरवा मतवारी अलबेला गिरधारी।।
सउत जइसे बंशीधुन जीव के जरैया।
फेंक दिहौं जमुना मा बंशी कन्हैया ।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
०५/०५/२०२३
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