Sunday, 27 April 2025

बस लाइक कमेन्ट, करै वो उतरे दिल में।

मोबाइल महिमा

मोबाइल मा होत हे,आज जम्मो व्यवहार।
लाग-नता  मन छूटगे, अनचिन्हार लगवार।।

अनचिन्हार लगवार, आय हे नवा जमाना।
कोनो सग-सगियात,  संग नइ आना-जाना ।।

बस लाइक कमेन्ट, करै वो उतरे दिल में।
दिनभर ओंड़ा देय, हवैं सब मोबाइल में ।।

शोभामोहन श्रीवास्तव

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...