Wednesday, 11 September 2024

विम्वच्छन्दः (९।९६पिङ्गल, २।८५ प्राकृत पिङ्गल)ललल लल लाल लाला।।उतियइल नंद लाला।

विम्वच्छन्दः (९।९६पिङ्गल, २।८५ प्राकृत पिङ्गल)

ललल लल लाल लाला।।

उतियइल नंद लाला।
अबड़ तिरछंड चाला।।
उधम बड़ ये मचाथे।
टुरन मन ला लुहाथे।।

बिरिज भर सोर गोई।
ललन बड़ चोर गोई।।

पटक मरकी गिराथे।
गटक दहिया पराथे।।

गजब छलिया छबीला।
करत ब्रज रास लीला।।

गुन गजब हे जरे वो।
बिकट उतलंग करे वो।।

महल चल तो बताबो।
जबर झगरा मताबो।।

दरस कर चैन पाबो।
ह्दय छबि ला बसाबो। ।

शोभामोहन श्रीवास्तव
११/०९/२०२४

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