महालक्ष्मी छन्द (९।१४७ पिङ्गल,२।७७ प्रा पि)
लालला लालला लालला ।
जाग जाओ अरे हिन्दुओं।
युग्म होते चलो बिन्दुओं।।
जाग जाओ अरे हिन्दुओं।
सूर्य ज्वाला बनो इन्दुओं।
जाग जाओ अरे हिन्दुओं।
धैर्य के शील के सिन्धुओं।
जाग जाओ अरे हिन्दुओं।।
दाँव में सभ्यता आर्य है ।
आज चुप्पी न स्वीकार्य है।।
प्रश्न अस्तित्व का आज है ।
बेटियों की लुटी लाज है।।
युद्ध को सज्य होके खड़े।
भेदने लक्ष्य को वो बड़े।।
क्या दुकाने बचेंगी भला।
क्या मकाने बचेंगी भला।।
काट देंगे तुम्हारा गला।
खत्म हो जायगा मामला।।
ना गिनो व्यर्थ लाचारियाँ।।
क्या बचेंगी भला नारियाँ।
राक्षसी भीड़ तैयार हैं ।
एक ही बीच दीवार है।।
हाथ में तेज औजार है।
अग्नि के खेल से प्यार है।।
हो गया देश बर्बाद जो।
फायदा क्या जगे बाद जो।।
हिन्दुओं के लिए मौन हैं।
ठीक से देख लो कौन हैं।।
देश में दुष्ट गद्दार है।
दुश्मनों से जुड़े तार है।।
बावले कुर्सियों के लिए ।
देशद्रोही बने भेड़िए ।।
देश जो चाहते काटना ।
हिन्दुओं को मिटा बाटना ।।
जातियों में हमे बाँटते।
ये मलाई तभी चाँटते ।।
अन्यथा दूर वो जीत से ।
देख लो वंश की रीत से।।
मारते भी हमे ही यहाँ।
और हिंसक हमे ही कहा।।
और पूछें उन्हें जात जो।
खा गये प्रश्न से मात वो।।
जात पूछें तो गाली लगे।
हिन्दुओं को हमेशा ठगे।।
जात फर्जी पता नाम भी ।
लिप्त धोखाधड़ी काम भी।।
दोगलों से बचो हिन्दुओं।
युग्म होते चलो बिन्दुओं।।
मूर्खता में नहीं भान है।।
दाँव में देश है प्रान है ।
रक्तप्यासे बने लोग हैं ।
ये पुराना बड़ा रोग है।।
सभ्यता को बचाने उठो।
शोर भारी मचाने जुटो।।
सामने है विपत्ति बड़ी ।
मृत्यु है द्वार पे आ खड़ी ।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
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