भाग दो हिन्दी से छत्तीसगढ़ी शब्दकोश
चौरस(वि. ) चकोलन, चरकोनिया।
अग्रहायन (पु.)अग्घन ।
अग्रिम (पु.) - अगोतरी।
अग्रिमराशि(ना. )अगोतरीधन।
अग्रसर() अगुवावत।
अचानक (क्रि.वि.)हुरहा, उदुपहा, उरभट।
अचार (पु.) अथान ।
अच्छा (पु.)बढ़िया, नीक, बने।
अस्पृश्य (वि.) अछूत।
अस्पृश्यता () अछुतपन, अछूतहई ।
अपरिचित (वि.) अनचिन्हार ।
अजब (वि.) अजगुत।
अजीर्ण (पु.) अजीरन, अनपचक।
अज्ञात (वि.)अनचिन्ह, अनचिन्हार।
अज्ञान (पु.) निरबुद्धि, निरबुध।
अज्ञानता (स्त्री.) नासमझी।
अटूट (वि.) पक्का
अट्टहास (वि.) ठहाका
अड़ियल (वि.) जिद्दी
अड़ोस-पड़ोस (पु.)अरोस-परोस
अड्डा (पुल्. ) ठउर ठीहा, ठउर ठिकाना।
अति (वि) अब्बड़, बड़, घात।
अवैधअतिक्रमण (पु.) अवैध पोगराय।
अवैधअतिक्रमणकारी (पुल्. ) अवैध पोगरैया।
अतिथि (पु.)पहुना, सगा, सगासोदर।
अतिरिक्त (पु.) उपरहा, अक्तहा, आगर ।
अतिरेक (पु.)अनपब्बर बढ़ती, अनपब्बर बाढ़े।
अतिवृष्टि (स्त्री.) आगरझड़ी, अक्ताबरसा।
अतिशय (वि.) अब्बड़, घात, बड़, अक्ता।
अधिक(वि. ) अक्ता, अक्तहा, आगर, जादा।
अतिसार (पु.) आँवाजुड़ी।
दस्त(ना. ) पोकर्री ।
अतीत (वि.) जुन्नाबेरा, तइहाबेरा, बीतेबेरा।
अतुकांत (वि.)बिनतुक ।
अत्यंत (वि.) अबड़ेच, बड़ अकन, नंगत, रटाटोर।
अत्यधिक (वि.) अब्बड़, बड़ अकन, नंगत, रटाटोर।
अत्यल्प (वि.) थोकुन थोरिक, थोकन, एककनिक, एकटुड़ी, एककन।
अथवा (यो) नइ तो।
आदर (पु.) सनमान, अदप।
अदम्य (वि.) जबरदम, जब्बर, जबर।
अदरक (पु.) आदा ।
हावभाव (स्त्री.) नखरा।
अदालत (स्त्री.) अदालत,
कचहरी (ना. ) कछेरी ।
अदृश्य (वि.) लोप, छप्प, अदीख।
अद्भुत (वि.) अजगुत ।
अद्यतन (वि.) एकदम नवा, नवानवेला, नेवरिया, नेवरनिन।
अद्वितीय (वि.) अदूसर, अलगेच।
विगलित(वि. ) गिरे, टघले, पझरे ।
अधपका (वि.) अधपक्का, गेदरहा।
अधबीच () आधाबीच।
अधम (वि.) पापी, नीच, निहल।
अधमरा (वि.) अधमरहा ।
अधर्म (पु.) अधरम ।
अधिक (वि.) अब्बड़, बहुत, अनपब्बर।
अधिकार (पु.) अधिकार।
अधिकारी (पु.) अधिकारी।
अधिकृत (वि.) कब्जाय, पोगराय।
अधिग्रहण (पु.) पोगरई।
अधिग्रहणकर्ता() पोगरैया।
अधिग्रहित () पोगराय, कब्जाय।
अधिनायक (पु.) मुखिया, माईमूड़, सियान।
अधिनियम (पु.) नियम।
अधिवक्ता (पु.) अधिवक्ता।
अधिवेशन (पु.) बइठका, बैठक।
अधीर (वि.) बियाक्कुल, अधरिज, अधीर।
अधूरा (वि.) अधूरहा, आधा-अधूरा।
अध्यापक (पु.) गुरुजी, मास्टर।
अध्यापिका (स्त्री.) बहिन जी, मास्टरिन।
अनगढ़ (वि.) बिनढ़ंग के, भोद्दा।
अनजान (वि.) अनचिन्हार, अनचिन्ह।
अनपढ़ (वि.) अप्पड़, अड़हा, अड़ानी।
अनभिज्ञ (वि.) अनजान, अचेतहा, अचेतही।
अनमोल (वि.) अमरामोल, अमोल।
अनर्थ (पु.) अनर्थ, अनियाव, अधरम।
अनवरत (क्रि.वि.) सरलग, ओरीओर।
अनशन (पु.)अनशन, भूख हड़ताल।
अनाड़ी (वि.) अड़ानी, अबूझ।
अनायास (क्रि.वि.) हुरहा-धुरहा, रब ले, उदुपहा, उदुप ले।
अनार (पु.) दरमी।
अनावरण (पु.) ओलवारटार, ओलवारघुँचा।
अनावश्यक (वि.) बिरथा, फोकटे-फोकट, फोकटिहा।
मूल्यरहित() फोकटिहा, फोकट।
अनावृत्त (वि.) उघारई।
अनावृष्टि (स्त्री.) अबरसा।
अनियंत्रित (वि.) विनलगाम, बिनबागन।
अनिष्ट (वि.) बिपत, अनचाहे।
अनीति (स्त्री.) अनीत, बिगननीत।
अनुकंपा (स्त्री.) दया, कृपा, सोग।
कृपा(स्त्री. ) सोग-दया।
अनुसरण (स्त्री. ) पिछलग्गू, पिछलग्गा।
अनुकरण (पु.) नकल, लूर उतारई।
अनुकूल (वि.) सहाय, सहाई।
अनुक्रम (पु.) ओरी, पछोरी।
अनुग्रह (पु.) दया-सोग, सोग-दया।
अनुचर (पु.) खेवास, खेवासिन, पछचल्ला, पछचल्ली।
अनुज (पु.) पिठेरा भाई, नान्हे भाई, छोटका भाई।
अनुजा (स्त्री.) पिठेरी बहिनी, छोटे बहिनी, छोटकी बहिनी।
अनुज्ञा (स्त्री.)अढ़ोना, बाचा मानई।
आज्ञा(स्त्री. ) अढ़ोना।
अनुत्तीर्ण (वि.) - नपास, फैल
अनुदार (वि.) खोक्खड़, चीम, सूम, किरपा, किरपिन, कंजूस, खसीस।
अनुनय (पु.) केलौली, गेलौली, अरजी-बिनती।
अनुपम (वि.) अनुपम, बेजोड़।
अनुपयोगी (वि.) अबउरऊ, रद्दी, बेकार।
अनुपस्थित (वि.) - गैरहाजिर
अनुबंध (पु.) समझौता, करार।
अनुबंध-पत्र (पु.) करारपत्री, समझौताचिट्ठी।
बातुनी (वि. )चटरा, चटरी, लपरहा, लपरही, फलफलहा, फलफलही, भलभलहा, भलभलही, गोठकाहरा, गोठकाहरिन।
टिफिन(ना. )जेंवनडब्बा ।
उपाहारशाला(ना. )होटलबासा ।
प्रातराश(ना. )जलपान, नाश्तापानी।
शाल्यपूप(ना. )इडली ।
पूरिका(ना. )सोंहारी।
मुद्गदोसा(ना. )मूँगचीला ।
पलान्डुदोसा(ना. )गोंदलीचीला।
सोपस्करदोसा(ना. )मसालादोसा ।
गोधूमपिष्टिका(ना. )सूजी उपमा।
वटिका(ना.)बरा।
वटिकरोटिका(ना. )पावरोटी, पावबरा ।
समाश(ना. )समोसा ।
समोसा(ना. ) समोसा।
मुद्गपूर्णिका(ना. )कचौड़ी।
पानीपूड़ी(ना. )पानी गुपचुप।
जलपूरीका(ना. ) पानी गुपचुप।
मृदुरोटिका(ना. )ब्रेड, मैदारोटी।
स्निग्धपिष्टकम्(ना. )केक।
सुपिष्टकम्(ना. )बिस्कुट।
शाकरोटी(ना. )सागरोटी ।
पिष्टजा(ना. )पीजा ।
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
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संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
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गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
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सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
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बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...
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