Sunday, 2 June 2024

मन दू भाग बटात कलेचुप ।

३/कलेचुप 


कुटिल कुटिल मुस्कान कलेचुप ।

मया मिटाये मान कलेचुप । 


आलस भरे बिहान कलेचुप ।

सँझा किरन मलान कलेचुप । 


कुलकत धरती राग कलेचुप ।

बादर नेतत पाग कलेचुप । 


मिटका झन अब जाग कलेचुप।

जागत हावय भाग कलेचुप।। 


कलियन होत जवान कलेचुप ।

भौरा सन गोठियान कलेचुप ।। 


करत फूल रसदान कलेचुप ।

पुरवा बेधत बान कलेचुप ।। 


धरनी रंग रिझात कलेचुप।

बादर उड़े बलात कलेचुप ।। 


मन दू भाग बटात कलेचुप ।

चोला जग डेनियात कलेचुप ।। 


शोभामोहन श्रीवास्तव 


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