Wednesday, 15 May 2024

पेटबिकाली में चौपाई, छन्द सबो पतरागे हे।

पेटबिकाली में चौपाई, छन्द सबो पतरागे हे।
भावफूल हरि माला मुँदरी, पहिराई अतरागे हे।।
कविता सविता किरन कहाँ गै, मोर बुध छतरागे हे।
मोला लागत जस सुग्गा के, पाँखी हर कतरागे हे।।

शोभामोहन श्रीवास्तव 

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