Friday, 19 April 2024

सरला देवी दुबे जसगीत

सरला देवी दुबे जसगीत 

रगरगात कुल सुकुल जनम धर
सरला देवी नाम धराय।
खड़मा के छबिराम दुबे संग,
नान्हे उम्मर रहेस बिहाय।। 

डोला बइठ पिया घर आये, 
लछमी जइसे पाँव मड़ाय।
घर ला मंदिर तहीं बना के, 
दुबे बंस के बेल बढ़ाय। 
रगरगात कुल सुकुल जनम धर
सरला देवी नाम धराय।। 


रोज पढ़स बिन आड़ लगाये
गीता अट्ठारह अध्याय ,
सब बर मया दया बरसाये, 
कभू न ककरो जीव दुखाय।।
रगरगात कुल सुकुल जनम धर
सरला देवी नाम धराय।। 

सीता कस भंडार भरे तोर, 
जेन आय परसादी पाय।
सबके मान करस महतारी, 
जेन तोर डेहरी में आय।। 
रगरगात कुल सुकुल जनम धर
सरला देवी नाम धराय।। 

जग छोड़े तैं सदा सोहागिन, 
सत्तलोक में गये सिधार। 
तोर सुरता में रो रो दाई, 
कलपत हावय तोर परिवार।। 
रगरगात कुल सुकुल जनम धर
सरला देवी नाम धराय।।


शोभामोहन श्रीवास्तव 

अब संभालकर या कापी में लिखकर रखना बेटी गुमाना मत

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