Tuesday, 26 March 2024

मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।छत्तीसगढ़ी लोकगीत

मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।

कइसे सजाय सेजरिया मलनिया रे कइसे सजाय सेजरिया ।
मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।

मोंगरा मालती लर लर लर लटकत, बहिर ब इठे पहरिया।
मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।
कइसे सजाय सेजरिया मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।

फूल अइलात डुँहड़ू खिल छटकत, ओधे कपाट दुअरिया।
मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।
कइसे सजाय सेजरिया मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।

टोर टोर पँखुरी पौंदर दसाये, रेंगत सजन सँवरिया।
मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।
कइसे सजाय सेजरिया मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।

टोरे कुँवर कली कुसुम बगीचा, ओलवार डारे नवरंगिया।।
मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।
कइसे सजाय सेजरिया मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।

नवरंग झुलना दसरंग दसना, गुजगुज फूल मुड़सरिया।
मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।
कइसे सजाय सेजरिया मलनिया तैं कइसे सजाय सेजरिया ।


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव

फागुन अंजोरी पाख दुइज तिथि
विक्रम संवत २०८०
महुदा

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