मेल होगे हे
छत्तीसगढ़ी लोकगीत पांडुलिपि
१/सिंगार लोकगीत (दादरा)
२/सोहर गीत बाहीं झुलना झूल दुलरुवा।
३/सोहर गीत बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।
४/सोहरगीत पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
५/ बिहावगीत कोन बारी फूलै फूल हरदी
१/सिंगार लोकगीत (दादरा)
साज डरेंव सोलहो सिंगरिया
सजन चल गिंजरन जाबो हो।।
लाली के पहिरेंव लुगरिया
पहिन चल किजरन जाबो हो।
चाँदी के ऐंठी संग लाली के चुरिया।
लाली के चुरिया हाँ लाली के चुरिया।
पाँवे में लिखेंव महुरिया,
सजन चल गिंजरन जाबो हो।।
सोने के सूता सुर्रा माला रुपिया।
सुर्रा माला रुपिया सुर्रा माला रुपिया।
कनिहा कसेंव करधनिया,
सजन चल गिंजरन जाबो हो ।
बिछिया चुटकी संग छुन छुन पैजनिया।
छुनछुन पैजनिया हाँ छुनछुन पैजनिया।
झुमका झकास झूल नथनिया,
पहिनतेंव चल गिंजरन जाबो हो।
शोभामोहन श्रीवास्तव
२/सोहरगीत बधाई गीत
बाहीं झुलना झूल दुलरुवा।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
न्योछावर कर अन धन वारौं।
कोरा लेवौं अउ पुचकारौं।।
पबरित होगे कुल दुलरुवा ।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
बाँह पोटारौं डींठ उतारौं।
रूप सँवारौं काजर डारौं।।
कंतर तैं मोरे मूल दुलरुवा।।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
कुल के मोर अँजोरकरैया।
डीह में मोर दीया बरैया।।
छाती हमर गै फूल दुलरुवा।।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव
११/०२/२३
३/सोहर गीत बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।
अवध में जनमे हवै रघुरैया।
अउ संग जनमें तीनझन भैया।।
कौशिल्या माई उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।
अवध में जनमे जाँवर जिंयर भैया।
जिनकर हे सुमित्राजी मैया।।
दूनो के संगे उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।
अवध में जनमें भरत
कस भैया।
कैकयी रानी जेकर मैया।।
कैकेयी रानी उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।।
गोकुल जनमें किसन कन्हैया।।
जेन चरावै गोकुल में गैया।।
महतारी जसुदा उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।।
शोभामोहन
४/सोहरगीत पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
धुन(एक लखन एक राम हो)
पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।
संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।
राजपाठ करत जिनगी कटत हे।
खरकत हमर जवानी हो।
तीनझन रानी हे सबगुनखानी हे।
फेर नइ हे बाल गोपाल हो।
पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।
संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।
सुरुज अरग देवैं, गंगा नहावै सुघर।
दानपुन करैं मनमानी हो।
पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।
संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।
अजोध्या रघुकुल डीह अउ डोंगर में।
कोने बारही दीया मोर हो।
कोन राज चलाही, कोन काज चलाही।
कब होही महल अंजोर हो।।
पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।
संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।
शोभामोहन
५/ बिहावगीत कोन बारी फूलै फूल हरदी
कोन बारी फूलै फूल हरदी, कोन बारी फूलै फूल हरदी।
कि कोन बारी फूले दूबी घास।
कोन बारी फुलै फूल सुपारी। कोन बारी फुलै फूल सुपारी।
कि कोन बारी भिरहा के बाँस।।
ददा बारी फूलै फूल हरदी, ददा बारी फूलै फूल हरदी।
कि कका बारी फूल दूबी घास।
भइया बारी फुलै फूल सुपारी।
कि बड़ा बारी भिरहा के बाँस।।
कोन लाने हरदी ला खन के, कोन लाने हरदी ला खन के।
कि कोन लाने फूल दूबी घास।
कोन लाने टोर के सुपारी। कोन लाने टोर के सुपारी।
कि कोन लाने भिरहा ले बाँस।।
ददा लाने हरदी ला खन के, ददा लाने हरदी ला खन के।
कि दाई लाने फूल दूबी घास।
कका लाने टोर के सुपारी। कका लाने टोर के सुपारी।
कि भाई लाने भिरहा ले बाँस।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
६/ बिहतरागीत
कोन चुलमाटी तेलमाटी खने, कोन चुलमाटी तेलमाटी खने।
कि कोन हर बाजा ला बजाय।
कोन चँउक पूरै मड़वा, कोन चँउक पूरै मड़वा।
कि कोन मँगरोहन लाय।
भाँटो चुलमाटी तेलमाटी खने, भाँटो चुलमाटी तेलमाटी खने।
बजनिया बाजा ला बजाय।
सुवासिन चँउक पूरै मड़वा, सुवासिन चँउक पूरै मड़वा।
सगा सोदर मँगरोहन लाय।
कोन आये मड़वा गड़ाये बर। कोन आये मड़वा गड़ाये बर।
कोन आये मड़वा ला छाय।।
कोन आये हरदी ला पीसे कूटे। कोन आये हरदी ला पीसे कूटे।
कोन तेल हरदी चढ़ाय।
भाँटो आये मड़वा गड़ाये बर। भाँटो आये मड़वा गड़ाये बर।
फूफा आये मड़वा ला छाय।।
दीदी आये हरदी ला पीसे कूटे। दीदी आये हरदी ला पीसे कूटे।
फूफू तेल हरदी चढ़ाय।
कोन सजाये हथँवा नरियर, कोन सजाये हथँवा नरियर।
कोन डुमर पिढ़ुली बनाय।
कोन गढ़े हे कंकन मउरी। कोन बनाये कंकन मउरी।
कि कोन माथ मकुट बनाय।।
छोटे बहिन साजे हथँवा नरियर, छोटे बहिन साजे हथँवा नरियर। बहिन साजे हथँवा नरियर।।
कि बढ़ई डुमर पिढ़ुली बनाय।
सोनार गढ़े हे कंकन मउरी। सोनार गढ़े हे कंकन मउरी।
कि मनिहार मकुट बनाय।।
कोन आये अँचरा देवन बर, कोन आये अँचरा देवन बर।
अउ कोन माँदर बजाय।
कोन आये मंगलगीत गाये बर। कोन आये मंगलगीत गाये।
कि कोन आये पूजा करवाय।
दाई आये अँचरा देवन बर, दाई आये अँचरा देवन बर।
कि काकी बड़ी माँदर बजाय।
गवैया आये बिहावगीत गाये। गवैया आये बिहावगीत गाये।
पंडित जी पूजा करवाय।
७/ सोहर
जनमें घर सुघर लाल।
डीह डोंगर उजियाल हो।
बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो। बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।
बबा वारि रूपिया लुटात।
बुढ़ीदाई अन तउलावत हो।
बबुवा सूपा भरभर धान करत पुनदाने हो।
बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।।
नाचत गावत फुफू आत।
फूफा संग फटफटावत हो। बबुवा लेये बर नेगे आँजन बर काजर हो बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।
ददा सगा सोदर बलात।
बाँजारूजी बजावत हो। बबुवा गलीखोर दना दनदनी फटाका फोरवावत हो।बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।
शोभामोहन
11/05/2023
८/रतनपुर हाट के टिकुलिया, लगाय चमकुलिया, चलत भरे पनिया हो।
इचनी बिचनी माला मुँदरिया, पहिर के सुंदरिया, चलत भरे पनिया हो।।
छन छन बजात पैजनिया, साँवर रंग रनिया, चलत भरे पनिया।।
पहिरे करधन पटा पुतरिया, लिखे महुरिया,
चलत भरे पनिया हो।।
पहिरे हे लुगरा लहरिया, सजा सिंगरिया, चलत पनिया हो।।
शोभामोहन
९/हरियर सुगना रकत रंग ठोर रे।
लेग दे संदेसिया ला मइके में मोर रे।।
मइके के हलीभली खबर सुनाबे सुवा।
ददा भाई मेर मोर अरजी लगाबे सुवा।।
आई जावै देखे बर, बूताकाम छोड़ रे।।
हरियर सुगना रकत रंग ठोर रे।
लेग दे संदेसिया ला मइके में मोर रे।।
मोरे बूता करिबे सोन दाना चराहूँ सुवा।
जुग जुग जीबे खाबे, तोर गुन गाहूँ सुवा।
कभू नइ भूलाहूँ मैं तो गुनजस तोर रे।
हरियर सुवना रकत रंग ठोर रे।
लेग दे संदेसिया ला मइके में मोर रे।।
शोभामोहन
फागुन तिहार
फागुन अंधियारी एक्कम
१०/सोहरगीत
देशभगत बनै लाल, बैरी के बनै काल हो।
बेटा देश के करै रखवारी, कुलडीह उजियारा हो ललना।
बड़ दिन धरे हन धीर,
फिरिस दिन फेरे हो।
राम किसन जइसे लाल,
पायेन बड़भागे ले हो ललना
शोभामोहन ।
११/जस चंदा सुरुज फबे अगासे। (नरेंद्र मोदी जसगीत)
घर फबे कुल उजास हो।
तइसे भारत लोकतांत्रिक देस फबे
बलवाने राउर हो।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया के बेटवा हो ।।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया के बेटवा हो।
मंदिर में फबे जस मुरतिया, दीया संग फबे बतिया हो।
तइसे भारत लोकतांत्रिक देस फबे
बलवाने राउर हो।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया के बेटवा हो।।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया बेटवा हो।
जइसे हरियर रंग फबे धरती।
अगास रंग नीलहा हो।
तइसे भारत लोकतांत्रिक देस फबे
बलवाने राउर हो।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया के बेटवा हो।।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया बेटवा हो।
फबे रूनझुन फरे फूले खेती, सजन घर बेटी हो।
तइसे भारत लोकतांत्रिक देस फबे
बलवाने राउर हो।
तस फबे मोदी योगी राज, भारत भुँइया के बेटवा हो।।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया बेटवा हो।
शोभामोहन ये असीदे देवै।
कुलदेवता देबी सदा सेवै हो।।
भारत लोकतांत्रिक देस फबे
बलवाने राउर हो।
मोदी योगी जुग जुग जियो महराज, भारत के भुँइया बेटवा हो ।।
राजगद्दी फबे मोदी योगीराज, भारत भुँइया के बेटवा हो
जगसेवा में जिनगी पहावैं।
सबो जगत उँकर गुन गावै हो।
भारत लोकतांत्रिक देस फबे
बलवाने राउर हो।
राजगद्दी फबे नरेन्दर मोदी, भारत भुँइया के बेटवा हो बहिनी।।
शोभामोहन
१२/भारत माँ के दुलरुवा लाल।
नरेन्दर मोदी यशगीत
सोहर धुन (हो ललना)
बैरी बर बने काल हो।।
मोदी तोरे गुन मानै संसारे, सुख शांति ला गढ़ावन हो।
नरेन्द्र जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो।
तुष्टिकरन मिटायेव रोग।
बिगन दया सोग हो।।
मोदी सबला एक बरोबर मानेव, तौ बैरी गुन मानत हो।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो।
धारा तीन सौ सत्तर टारेव।
देशहित ला बिचारेव हो।।
मोदी काश्मीर के करेव बिकास, रक्सा के करेव नासे हो।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो।
कटोरा धरायेव पाकिस्तान।
टोरेव गरब गुमाने हो।।
मोदी पाकिस्तानी कहत हें आज सनातन हमर धरम हो।।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो।
बैरी के चिन्हारी करवायेव।
सिधवा हिन्दवा ला जगायेव हो।।
मोदी देस बचाये अब हिन्दुवा करत अगुवाई हो।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो।
देश में होगे नवा बिहान।
मंदिर बनत राम भगवाने हो।।
मोदी भगतन अगोरत बेरिया, राम के पधरावन हो।।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो।
देशबिरोधी अउ गद्दार।
पावत नइ तोरे पारे हो।
नरेन्द्र आगू कोती जावत हे देस, बने बर जग अगुवा हो।।
मोदी जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जब ले तुँहर बनिस सरकार।
गरीबहा ला मिलिस अधिकारे हो।
नरेन्दर जनधन शौचालय, अउ उज्जवला सुख घरोघर लानिस हो।।
मोदी जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो।
शोभामोहन
१०/०५/२०२३
१३/बेटी जनम सोहरगीत
जेने कोख जनमे हे बिटिया, वो दाई बाप धन धन हो।
अउ धन धन कुल परिवार।।
आये हे घर लछमी हो।
जेने कोख जनमें हे बिटिया, वो बबा दाई धन धन हो।
अउ धन धन कुल परिवार।।
दिये सुख अपार, आये हे घर लछमी हो।
अँगना के शोभा कहलावै।
कि लछमी जइसे पाँव हे हो।।
बिटिया करे कुल डीह बढ़वार, आये हे घर लछमी हो।
बिटिया जुग जुग जीयै होवै नाव, आये हे घर लछमी हो।
आमाडारी फलै फूलै आमा।
लीमडारी फरै फूलै लीम रामा हो।।
तस देबी तिया कोरा फलै फूलै बिटिया हो।
बिटिया जुग जुग जीयै होवै नाव, आये हे घर लछमी हो।
झुलना झुलावौ मंगल गावौ।
दई देवता मनावौ हो।
बिटिया के डीठ उतारौ जीव जुड़ाव हो।
बिटिया जुग जुग जीयै होवै नाव, आये हे घर लछमी हो।
१४/नान्हे नान्हे रखौ परिवारे। सोहरधुन
देशहित ला बिचारे हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।
दूए तीन हो बाल गोपाले।
तो जिनगी हो खुशहाले हो।
बहिनी कोरी कोरी लइका जे बियाय, अहोनरक भोगै हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।
हिन्दू हो ते हो मुसलमाने।
सबो रखौ धियाने हो।
बहिनी लइका शुभ करम सिखावौ, मनुखपन डारौ हो।।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।
होगेन एक सौ चालीस करोडे़।
तभो लगे हे बियाये होड़े हो।
बहिनी खाना दाना कइसे मिल पाही, देस आगू कोती जाही हो।
बहिनी खेत खार भुँइया करारी, अउ बाढ़त हे अबादी हो।
बेहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।
देस ला करे बर सजोरे।
बैरी के मुँह टोरे हो।।
बहिनी लइकन बनावौ पहेलवान तभेच देश बाँचही हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।
धरम सिखोवौ संताने।
पुरखौती गुन जाने हो।
बहिनी देश अउ धरम बचाय कन्हिया कसि लेवौ हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।
देशभक्त लइकन ला बनावौ।
श्रीमद्भागवत गीता ला पढ़ावौ हो।।
बहिनी विश्व गुरु भारत ला बनाये जतन करौ निशदिन हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।
१५/
मोर मइके में ददा अउ दाई नइ हे।
रीता जिनगी के कोनो भरपाई नइ हे।।
खेत खार हे नौकर चाकरी हे बंगला ।
फेर मोर मन तो जनम के हे कंगला।।
मोर मिहनत अकारथ बड़ाई नइ हे।
मोर मइके में ददा अउ दाई नइ हे।
कोनो पुछैया हे तीजा न पोरा।
मइके न कोनो करैया अगोरा। ।
मोर कोनो दरबार सुनवाई नइ हे।।
मोर मइके में ददा अउ दाई नइ हे।
ककरो नयन पुतरी न ककरो दुलारी।
फकत करत रहिथौं सबके बिगारी।।
सुख पहुना के मिले पहुनाई नइ हे।
मोर मइके में ददा अउ दाई नइ हे।
१६/
*जगन्नथिया भजन*
लाला ललल लललालला
लाला लला।
के भजन बोलो
भजन करौ भगवान हो।
जन्म पाये मनुसान हो।।
के भजन बोलो।
संगत करि लौ साधू के,
जेवन साग अहार हो।
के भजन बोलो।
भक्त के कर किरवार हो।
डोंगा लगाही उही पार हो।।
के भजन बोलो।
नदिया कुँआ के तो हो।
हरि हे अगम अपार हो।।
के भजन बोलो।
जगे हवै हमर भाग हो।
हरि बर हे अनुराग हो।।
के भजन बोलो।
शोभामोहन श्रीवास्तव
०८/०७/२०२२
शुभस्थान-महुदा
१७/पहुना सत्कार गीत
जोहारौं आवौ पहुना
मंगलमय शुभ बार, जोहारौं आवौ पहुना।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
मंगलकरसा द्वार मढ़ावौं, मंगलटीका माथ लगावौं।।
पहिरावौं फूलहार, जोहारौं आवौ पहुना।।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
आरुग जल ले पाँव पखारौं, आरती कर करके सत्कारौं।।
ऊँच आसन बइठार, जोहारौं आवौ पहुना।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
फूलकसिया लोटा अउ थारी,
देवँव कलेवा कर सत्कारी।
बारम्बार जोहार, जोहारौं आवौ पहुना।।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
२६/०६/२०१९
१८/सोहरगीत बधाई गीत
बाहीं झुलना झूल दुलरुवा।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
न्योछावर कर अन धन वारौं।
कोरा लेवौं अउ पुचकारौं।।
पबरित होगे कुल दुलरुवा ।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
बाँह पोटारौं डींठ उतारौं।
रूप सँवारौं काजर डारौं।।
कंतर तैं मोरे मूल दुलरुवा।।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
कुल के मोर अँजोरकरैया।
डीह में मोर दीया बरैया।।
छाती हमर गै फूल दुलरुवा।।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव
११/०२/२३
१९/बिहाये ओ मैया कोने नगरिया हो(देबी जसगीत)
बिहाये ओ मैया कोने नगरिया हो।
बिहाये ओ मैया कोने नगरिया हो।
कोन आय तोर लगन लिखाये।
कोन तोर मड़वा सजाये ओ। माय
कोन देव तोर बने बरतिया।
कोने देव बरे बिहाये ओ।। मैया
बिहाये ओ मैया कोने नगरिया हो।
शुभ चन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ी लोकगीत
२०/
दंदरत बिरहिन दुखियारी
(बिरहा गीत)
घन घपटत घटा घनन घनन घन,
घन घपटत घटा घनन घनन घन,
बादर गरजत बड़ भारी।
बनठन ठनगन कर मनमाने मन,
बनठन ठनगन कर मनमाने मन,
बोंवत घनसुख के क्याँरी।।
जल बरसत हे झरझर झरझर,
जल बरसत हे झरझर झरझर,
छमछम ठमकत रुख डारी।
तड़तड़ तड़तड़ चमकत बिजली,
तड़तड़ तड़तड़ चमकत बिजली,
गड़गड़ गड़ मेघा मतवारी।।
सरसर सरसर जब पवन करत,
सरसर सरसर जब पवन करत,
फरफर फहरत हे साड़ी।
धड़धड़ धड़धड़ धड़कत छाती,
धड़धड़ धड़धड़ धड़कत छाती,
दंदरत बिरहिन दुखियारी।।
शुभ चन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव
रायपुर छत्तीसगढ़
मों 9171096309
२१/कमल फूल तरिया फुलगे राजा
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।।
आँसू ले सेजरिया फुलगे राजा।
आँसू ले सेजरिया फुलगे राजा।
आमा हा फुलगे अउ परसा हा फुलगे।
आमा हा फुलगे अउ परसा हा फुलगे।
अमली फुलगे बगैचा गमक घुलगे।
अमली फुलगे बगैचा गमक घुलगे।
आँसू ले सेजरिया फुलगे राजा।
आँसू ले सेजरिया फुलगे राजा।
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।।
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।।
मोंगरा हा फुलगे चमेली हा फुलगे।
मोंगरा हा फुलगे चमेली हा फुलगे।
बेला के डारी लहसगे अउ झुलगे।।
बेला के डारी लहसगे अउ झुलगे।।
आँखी ले आँसू हा ढुलगे राजा।
आँखी ले आँसू हा ढुलगे राजा।
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।।
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।।
सरसों हा फुलगे अउ काँसी हा फुलगे।
सरसों हा फुलगे अउ काँसी हा फुलगे।
बारा बछर के सब बंधना हा खुलगे।
बारा बछर के सब बंधना हा खुलगे।
गौंतरिहा आये दुख भुलगे राजा।
गौंतरिहा आये दुख भुलगे राजा।
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।।
कमल फूल तरिया फुलगे राजा।।
शुभ चन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव
रायपुर छत्तीसगढ़ मो. 91710 96 309
२२/सिंगार लोकगीत (दादरा)
साज डरेंव सोलहो सिंगरिया, सजन चल गिंजरन जाबो हो।।
साज डरेंव सोलहो सिंगरिया, सजन चल गिंजरन जाबो हो।।
लाली के पहिरेंव लुगरिया, सजन चल किजरन जाबो हो।
लाली के पहिरेंव लुगरिया, पहिन चल किजरन जाबो हो।
चाँदी के ऐंठी संग लाली के चुरिया।
चाँदी के ऐंठी संग लाली के चुरिया।
लाली के चुरिया हाँ लाली के चुरिया।
लाली के चुरिया हाँ लाली के चुरिया।
पाँवे मा लिखेंव महुरिया, सजन चल गिंजरन जाबो हो।।
पाँवे मा लिखेंव महुरिया, सजन चल गिंजरन जाबो हो।।
सोने के सूता सुर्रा माला रुपिया।
सोने के सूता सुर्रा माला रुपिया।
सुर्रा माला रुपिया सुर्रा माला रुपिया।
सुर्रा माला रुपिया सुर्रा माला रुपिया।
कनिहा कसेंव करधनिया, सजन चल गिंजरन जाबो हो ।
कनिहा कसेंव करधनिया, सजन चल गिंजरन जाबो हो ।
बिछिया चुटकी संग छुन छुन पैजनिया।
बिछिया चुटकी संग छुन छुन पैजनिया।
छुनछुन पैजनिया हाँ छुनछुन पैजनिया।
छुनछुन पैजनिया हाँ छुनछुन पैजनिया।
झुमका झकास झूल नथनिया, पहिनेंव चल गिंजरन जाबो हो।
झुमका झकास झूल नथनिया, पहिनेंव चल गिंजरन जाबो हो।
शुभ चन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव
मो. 91710 96 309
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
-
गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
-
सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
-
बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...
No comments:
Post a Comment