Tuesday, 23 May 2023

बिन सोचे समझे मत बोल

शब्द महिमा

बिन सोचे समझे मत बोल

शब्द रत्न सबसे अनमोल।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

जहाँ नहीं रवि शशि जा पाय।
शब्द  गुफा मन के छू आय।।
भाव पढ़े बिन पीटे ढोल।।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

टिके शब्द पर  मन के भाव।
दंभ क्षुद्रता और प्रभाव।।
शब्द रसिक ले भाव टटोल।।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

शब्दों से दीपित हो अर्थ।
शब्द बाण नहीं जाते व्यर्थ।।
पहले शब्द तनिक ले तोल।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

शब्द छोड़ता मन में छाप।
पहले चख ले वक्ता ताप।।
तभी बोल कुछ मुख को खोल।।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

शब्द कराये सृजन विनाश।
अलंकार रस प्रणय विकास।।
शब्दाश्रित विज्ञान खगोल।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

शब्द हृदयतल करे प्रवेश।
मधु भर दे उपजाये क्लेश।।
शब्द स्निग्ध मृदु बोल अडोल।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

पकड़ चेतना का यह हाथ।
गहरे अवचेतन तक साथ।।
अंतसतल दे भाव विडोल।।
बिन सोचे समझे मत बोल।।

शोभामोहन
२१/०२/२०२२

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