Thursday, 11 May 2023

छत्तीसगढ़ी सोहरगीत

छत्तीसगढ़ी सोहरगीत
१/
जइसे चंदा सुरुज फबे अगासे, जगत ला उजासे हो।
तइसे तिरिया के कोरा फबे, बाल गोपाल  ले हो ललना।

मंदिर में फबे जस मुरतिया, दीया संग फबे बतिया हो।
तइसे तिरिया के कोरा फबे, बाल गोपाल ले हो ललना।

जइसे हरियर रंग फबे धरती, अगास रंग नीलहा हो।
तइसे तिरिया के कोरा फबे, बाल गोपाल  ले हो ललना।

फबे रूनझुन फरे फूले खेती, सजन घर बेटी हो।
तइसे तिरिया के कोरा फबे, बाल गोपाल ले हो ललना।

शोभामोहन असीद देवै, कुलदेवता देबी सेवै हो ललना
सुखछँइहा जिनगी पहाय।
मंगल सोहर गावै हो
हो ललना।


शोभामोहन

२/सोहरगीत

देशभगत बनै लाल, बैरी के बनै काल हो।
बेटा देश के करै रखवारा, कुलडीह उजियारा हो ललना।

बड़ दिन धरे हन धीर,
फिरिस दिन फेरे हो।
राम किसन जइसे लाल,
पायेन बड़भागे ले हो ललना



शोभामोहन




नरेंद्र मोदी जसगीत
३/
जस चंदा सुरुज फबे अगासे।
घर फबे कुल उजास हो।
राजगद्दी फबे मोदी महराज, भारत भुँइया के बेटवा हो ।।


मंदिर में फबे जस मुरतिया, दीया संग फबे बतिया हो।
राजगद्दी फबे मोदी महराज, भारत भुँइया बेटवा हो।

जइसे हरियर रंग फबे धरती।
अगास रंग नीलहा हो।
राजगद्दी फबे मोदी महराज, भारत भुँइया बेटवा हो।

फबे रूनझुन फरे फूले खेती, सजन घर बेटी हो।
राजगद्दी फबे मोदी महराज, भारत भुँइया बेटवा हो।

शोभामोहन ये असीदे देवै।
कुलदेवता देबी सदा सेवै हो।।
राजगद्दी फबे मोदी महराज, भारत भुँइया के बेटवा हो

जगसेवा में जिनगी पहावैं।
सबो जगत उँकर गुन गावै हो।
राजगद्दी फबे मोदी महराज, भारत भुँइया के बेटवा हो।।

शोभामोहन

४/

नरेन्दर मोदी यशगीत
सोहर धुन (हो ललना)

भारत माँ के दुलरुवा लाल।
बैरी बर बने काल हो।।
नरेन्द्र जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो

तुष्टिकरन मिटायेव रोग।
बिगन दया सोग हो।।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो

धारा तीन सौ सत्तर टारेव।
देशहित ला बिचारेव हो।।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो

कटोरा धरायेव पाकिस्तान।
टोरेव गरब गुमाने हो।।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो

बैरी के चिन्हारी करवायेव।
सिधवा हिन्दवा ला जगायेव हो।।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो

देश में होगे नवा बिहान।
मंदिर बनत राम भगवाने हो।।
नरेन्दर जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो

देशबिरोधी अउ गद्दार।
पावत नइ तोरे पारे हो।
मोदी जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।

जब ले तुँहर बनिस सरकार।
गरीबहा ला मिलिस अधिकारे हो।
मोदी जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो मोदी।
जुग जुग जियौ महराज, भारत भुँइया रक्षक हो

शोभामोहन
१०/०५/२०२३



५/

बेटी जनम सोहरगीत

जेने कोख जनमे हे बिटिया, वो दाई बाप धन धन हो।
अउ धन धन कुल परिवार।।
आये हे घर लछमी हो।

जेने कोख जनमें हे बिटिया, वो बबा दाई धन धन हो।
अउ धन धन कुल परिवार।।
दिये सुख अपार, आये हे घर लछमी हो।


अँगना के शोभा कहलावै।
कि लछमी जइसे पाँव हे हो।।
बिटिया करे कुल डीह बढ़वार, आये हे घर लछमी हो।
बिटिया जुग जुग जीयै होवै नाव, आये हे घर लछमी हो।

आमाडारी फलै फूलै आमा।
लीमडारी फरै फूलै लीम रामा हो।।
तस देबी तिया कोरा फलै फूलै बिटिया हो।
बिटिया जुग जुग जीयै होवै नाव, आये हे घर लछमी हो।

झुलना झुलावौ मंगल गावौ।
दई देवता मनावौ हो।
बिटिया के डीठ उतारौ जीव जुड़ाव हो।
बिटिया जुग जुग जीयै होवै नाव, आये हे घर लछमी हो।

६/

नान्हे नान्हे रखौ परिवारे।
देशहित ला बिचारे हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।

दूए तीन हो बाल गोपाले।
जिनगी हो खुशहाले हो।
बहिनी कोरी कोरी लइका जे बियाय, अहोनरक भोगै हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।

हिन्दू हो ते हो मुसलमाने।
सबो रखौ धियाने हो।
बहिनी लइका शुभ करम सिखावौ, मनुखपन डारौ हो।।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।

होगेन एक सौ चालीस करोडे़।
तभो लगे हे बियाये होड़े हो।
बहिनी खाना दाना कइसे मिल पाही, देस  आगू डहर जाही हो।
बहिनी खेत खार भुँइया करारी, अउ बाढ़त हे अबादी हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।

देस ला करे बर सजोरे।
बैरी के मुँह टोरे हो।।
बहिनी लइकन बनावौ पहेलवान तभेच देश बाँचही हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।

धरम सिखोवौ संताने।
पुरखौती गुन जाने हो।
बहिनी देश अउ धरम बचाय कन्हिया कसि लेवौ हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।

देशभक्त लइकन ला बनावौ।
श्रीमद्भागवत गीता पढ़ावौ हो।।
बहिनी विश्व गुरु भारत ला बनाये जतन करौ निशदिन हो।
बहिनी भारत म जनसंख्या विस्फोट होवन झन देवौ हो।

7/

बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।
अवध में जनमे हवै रघुरैया।
अउ संग जनमें तीनझन भैया।।
कौशिल्या माई उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।

अवध में जनमे जाँवर जिंयर भैया।
जिनकर हे सुमित्राजी  मैया।।
दूनो के संगे उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।

अवध में जनमें भरत
कस भैया।
कैकयी रानी जेकर मैया।।
कैकेयी रानी उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।।

गोकुल जनमें किसन कन्हैया।।
जेन चरावै गोकुल में गैया।।
महतारी जसुदा उतारै नजर डीठ।
बिरबिट कारी कोइली
बोले मीठ मीठ।।

शोभामोहन


धुन(एक लखन एक राम हो)

पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।

संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।

राजपाठ करत जिनगी कटत हे।
खरकत हमर जवानी हो।
तीनझन रानी हे सबगुनखानी हे।
फेर नइ हे बाल गोपाल हो।
पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।
संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।

सुरुज अरग देवैं, गंगा नहावै सुघर।
दानपुन करैं मनमानी हो।
पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।
संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।

अजोध्या रघुकुल डीह अउ डोंगर में।
कोने बारही दीया मोर हो।
कोन राज चलाही, कोन काज चलाही।
कब होही महल अंजोर हो।।
पंलग में राजा दशरथ हे बइठे।
मचिया में कौशिल्या रानी हो।
संसो में बुड़े हावैं मुँह हे अइलाये।
दूनो के आँखी में पानी हो।

शोभामोहन


8/ बिहावगीत

कोन बारी फूलै फूल हरदी, कोन बारी फूलै फूल हरदी।
कि कोन बारी फूले दूबी घास।
कोन बारी फुलै फूल सुपारी। कोन बारी फुलै फूल सुपारी।
कि कोन बारी भिरहा के बाँस।।

ददा बारी फूलै फूल हरदी, ददा बारी फूलै फूल हरदी।
कका बारी फूल दूबी घास।
भइया बारी फुलै फूल सुपारी।
बड़ा बारी भिरहा के बाँस।।

कोन लाने हरदी ला खन के, कोन लाने  हरदी ला खन के।
कि कोन लाने फूल दूबी घास।
कोन लाने टोर के  सुपारी। कोन लाने टोर के  सुपारी।
कि कोन लाने भिरहा ले बाँस।।

ददा लाने हरदी ला खन के, ददा लाने  हरदी ला खन के।
कि दाई लाने फूल दूबी घास।
कका लाने टोर के  सुपारी। कका लाने टोर के सुपारी।
कि भाई लाने भिरहा ले बाँस।।

9/

बिहतरागीत

कोन चुलमाटी तेलमाटी खने, कोन चुलमाटी तेलमाटी खने।
कि कोन हर बाजा ला बजाय।
कोन चँउक पूरै मड़वा, कोन चँउक पूरै मड़वा।
कि कोन मँगरोहन लाय।

भाँटो चुलमाटी तेलमाटी खने, भाँटो चुलमाटी तेलमाटी खने।
बजनिया बाजा ला बजाय।
सुवासिन चँउक पूरै मड़वा, सुवासिन चँउक पूरै मड़वा।
सगा सोदर मँगरोहन  लाय।

कोन आये मड़वा गड़ाये बर। कोन आये मड़वा गड़ाये बर।
कोन आये मड़वा ला छाय।।
कोन आये हरदी ला पीसे कूटे। कोन आये हरदी ला पीसे कूटे।
कोन तेल हरदी चढ़ाय।

भाँटो आये मड़वा गड़ाये बर। भाँटो आये मड़वा गड़ाये बर।
फूफा आये मड़वा ला छाय।।
दीदी आये हरदी ला पीसे कूटे। दीदी आये हरदी ला पीसे कूटे।
फूफू तेल हरदी चढ़ाय।

कोन सजाये हथँवा नरियर, कोन सजाये हथँवा नरियर।
कोन डुमर पिढ़ुली बनाय।
कोन गढ़े हे कंकन मउरी। कोन बनाये कंकन मउरी।
कि कोन माथ मकुट बनाय।।

छोटे बहिन साजे हथँवा नरियर, छोटे बहिन साजे हथँवा नरियर। बहिन साजे हथँवा नरियर।।
कि बढ़ई डुमर पिढ़ुली बनाय।
सोनार गढ़े हे कंकन मउरी। सोनार गढ़े हे कंकन मउरी।
कि मनिहार मकुट बनाय।।

कोन आये अँचरा देवन बर, कोन आये अँचरा देवन बर।
अउ कोन माँदर बजाय।
कोन आये मंगलगीत गाये बर। कोन आये मंगलगीत गाये।
कि कोन आये पूजा करवाय।

दाई आये अँचरा देवन बर, दाई आये अँचरा देवन बर।
कि काकी बड़ी माँदर बजाय।
गवैया आये बिहावगीत गाये। गवैया आये बिहावगीत गाये।
पंडित जी पूजा करवाय।

10/ सोहर

जनमें घर सुघर लाल।
डीह डोंगर उजियाल हो।
बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो। बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।

बबा वारि रूपिया लुटात।
बुढ़ीदाई अन तउलावत हो।
बबुवा सूपा भरभर धान करत पुनदाने हो।
बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।।

नाचत गावत फुफू आत।
फूफा संग फटफटावत हो। बबुवा लेये बर नेगे आँजन बर काजर हो बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।

ददा सगा सोदर बलात।
बाँजारूजी बजावत हो। बबुवा गलीखोर दना दनदनी फटाका फोरवावत हो।बबुवा जुग जुग जीयौ सुख पावौं, गावन हम सोहर हो।

शोभामोहन
11/05/2023

लालालाला लालाला

बस्तर मोर पुराना हे।
गजब कठिन धोवाना हे।
मतलाये तरिया पानी।
अउ काई के रजधानी।।
कामबूता अउ तेलघानी।
मतलाये तरिया पानी।

कोटकोट ले हे चिटियाये।
भकर भकर ये बस्साये।।
सबो लाभ होगे हानी।
मतलाये तरिया पानी।

खीसा में नइ पाई हे।
माटीराख न भाई हे।।
लाग-नता बदले बानी।
मतलाये तरिया पानी।।
जे पथरा मूँड़ धारे हौं।
तेला गोड़ कचारे हौं।।
देखत जग आनीबानी।
मतलाये तरिया पानी।।

जेकर संग हे गुरलाटा।
साने उही लुगरा पाटा।।
सीखा देवत नादानी।
मतलाये तरिया पानी।।

शोभामोहन
11/05/2023


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