करिया करिया बादर धरती तोप
करिया करिया बादर,धरती तोप।
जम्मो सुख के थरहा,भुँइया रोप।।
काँटा खूँटी बीनत, हवँय किसान।
तोर अगोरा करथें, रात बिहान।।
रुख राई ठाढ़े हे, सब अइलाय।
धूर्रा चटके पाना, हे मइलाय।।
शोभामोहन
मशीनीकरण
अब मशीन के आगे, हावय राज।
कमिया मन के मूँड़ी, गिरगे गाज।।
नाँगर हवय टँगाये, जुन्ना कोठ।
ट्रेक्टर रखत किसनहा, मन हर पोठ।।
बाँही में बल होवय, कतको जान।
रोजगार बिन बिरथा,अतका मान
सबो बुता ला करथे, आज मशीन।
ठलहा कर दिस मनखे, बूता छीन।।
बोंवत लूवत मींजत, पल में खार ।
कोनो नइ खोजत हे , अब बनिहार।।
रोजगार बर मनखे, हे लुलुवात ।
ट्रेक्टर वाला फुदरत, मजा उड़ात।।
शोभामोहन
[06/07, 11:03]
●महँगाई बरवै●
कोनो दल के
नेता,ला बइठार।
राज सिंहासन
दिल्ली, के दरबार।।
महँगाई ला
कोनो, सके न छेक।
करहीं गोठ ल
भले, एक ले एक।।
पेट भरे ले
पीठ ह, उघरत जात।
नून तेल बर
जम्मो, जुगुत लगात।।
काला कहय गरीब, बिपदा मार।।
कोनो लाँघन
कोनो, कर फरहार।।
शोभामोहन
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