Wednesday, 15 March 2023

भुजंगप्रयात/मुक्तिका छंद

 

भुजंगप्रयात/मुक्तिका छंद

यमाता X ४ या ४ (लघु गुरु गुरु)

122 122 122 122

गुनी डोकरी छोकरी ला बताथे ।​

करे काम बूता लगाके सिखाथे।।

कलेवा पतेवा बनाये चुरोये।

सधाये सबो के सधौरा पुरोये।।

शोभामोहन श्रीवास्तव

२०/११/२०२०

भवानी सुमरनी (भुजंगप्रयात छंद)

महाकाल के संगिनी तै पियारी।

महाजोगमाया बिधाता अधारी।।

तँही वेद के मंत्र माँझा लुकाये।

तँही ग्यान बिग्यान थापे समाये।।

तँही वेद विद्या अँजोरी कराये ।

तँही मोह फाँसे तँही हा छुड़ाये ।।

तँही रागिनी राग ग्यानी गवैया।

तँही मंत्र ले तंत्र जम्मो जनैया ।।

शोभामोहन श्रीवास्तव

२९/०७/२०२०

 

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