हिंदी के ताकत
ओकर बोली
हमर बोली
छत्तीसगढ़ी हर हिन्दी के ताकत आय, अब भाषा अउ बोली मा कोन जादा जब्बर हे ? बोली हर भाषा
के आत्मा होथे, भाषा हर बोली के हाड़ा माँस आय, बोली के भंड़ार हर अकूत हे एक ठन
क्रियाशब्द मारना के भावसूचक जतका क्रियारूप बोली हे, छत्तीसगढ़ी मा
एक कहावत घलोक हे हँड़िया के एक दाना ला टमड़बे तव पूरा हँड़िया के दाना के स्थिति
पता लग जथे संभवतः संसार के कोनो भाषा-बोली मा नइ होही ए हमर बर गौरव के प्रसंग हे कि हमन
ओ भाषा परिवार के सदस्य अन ।
सिद्ध करे बर
मात्र एक उदाहरण काफी हे ।
उदाहरण देखव -
1/मार
2/कचार
3/पेल
4/हुदर
5/झड़
6/थुथुर
7/पटक
8/ठोक
9/पीट
10/कूट
11/छर
12/सोंट
13/कुचर
14/रहपटिया
15/लतिया
16/थूथर
17/पनहिय इ
18/मसक
19/चटकन दे
20/चेथिय इ
21/रऊँद
22/मुरकेट
23/बजेड़
24/सपेट
25/रपेट
26/रेर पेर कर
27/मुटका दे
28/जभेड़
29/ठठा
30/कुटेल
31/दोहन
31/हुमेल (सींग वाले पशु बर)
32/चूँदिया
अउ लोकोक्ति
मुहावरा रूप मा
1/चेथी तरी जम इ
2/कनझरा झर्र इ
3/सुधार इ
4/बाजा असन धरके बज इ
5/आँखी बग ले बर जाही
6/पनही ले बात कर इ
7/ओढ़ना काँचे कस काँच इ।
आपके जानकारी
मे या छेत्रीय बोली मा मारना क्रियारूप के भावसूचक संबंधित शब्द होही तव एकर तरी
जोड़े के कृपा करहू, छत्तीसगढ़ी के अपार शब्दसामर्थ्य ला जानके मोला तो गौरवान्वित अनुभव होथे ।
शोभामोहन
श्रीवास्तव
रायपुर
अमलेश्वर छ.ग.
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