कुंडल छंद
बिहिना ले राम
नाम, बोल राम सीता ।
अंतस के गगरी
ला, भर लेबे रीता ।।
बिहिना ले राम
नाम, बोल राम सीता ।
बसवारी आन
गाँव, करम कर फबीता ।।
बिहिना ले राम
नाम, बोल राम सीता ।
जाना हे अगम
बाट, हो जा सुभीता ।
बिहिना ले राम
नाम , बोल राम सीता।।
माटी के देह
तोर, राम ला बसा ले ।
माया ले मूँह
मोड़, मन ला फरिया ले ।।
जग झंझट बूड
तोर, होत हे फदीता ।
बिहिना ले बोल
नाम, राम राम सीता ।।
शोभामोहन
श्रीवास्तव
१५/०७/२०२०
कुण्डल
लालाला लाल
लाल, लाललाल लाला ।
बिहिना ले राम
राम, राम राम बोलो ।
करत करत काम धाम, राम नाम बोलो
।।
शोभामोहन
No comments:
Post a Comment