Friday, 3 March 2023

छापा हाथ बनाही कोन

छापा हाथ बनाही कोन


नवा नवा सिरजाये घर में, 

जुन्ना जिनिस मड़ाही कोन।

अँइठे अँइठे सब झन बइठे, 

छापा हाथ बनाही कोन।। 

आस लमावत हाथ छुवे बर, 

रीता मन गमकाही कोन।। 

माते जोश लहन देखे बिन, 

भुँकरत हे समझाही कोन।। 

दसो उदिम ओरियाबे हंसा, 

फेर तोला सोरियाही कोन।।

बइद सवाँगे रोग बियावत, 

पीरा तोर मिटाही कोन।।

शोभामोहन 

१४/०६/२०२२ 

महुदा 

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