सोहरगीत बधाई गीत
बाहीं झुलना झूल दुलरुवा।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
न्योछावर कर अन धन वारौं।
कोरा लेवौं अउ पुचकारौं।।
पबरित होगे कुल दुलरुवा ।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
बाँह पोटारौं डींठ उतारौं।
रूप सँवारौं काजर डारौं।।
कंतर तैं मोरे मूल दुलरुवा।।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
कुल के मोर अँजोरकरैया।
डीह में मोर दीया बरैया।।
छाती हमर गै फूल दुलरुवा।।
मोर अँगना के फूल दुलरुवा।।
बाँही झुलना झूल दुलरुवा।।
शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव
११/०२/२३
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