Monday, 20 March 2023

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


अठतल्ला गढ़ महल अटारी,

ईश चलात अटाला। 

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


पहिली तल्ला रूप बिसय के,

मोती अउ मणिमाला।

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


दूसर तल्ला धन दौलत के,

छाये मेकरजाला।

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


तीसर तल्ला पद गरिमा दे,

गोभत गरब के भाला।।

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


चौथा तल्ला सुखकर अन्नो,

सुख बगराने वाला।

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


पंचम तल्ला निर्मल हिरदे,

दे बरसात सुधा ला।

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


छट्टमतल्ला राखे रिधिसिधि,

जोग भठाये चाला।

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


सप्तम तल्ला दिव्यज्योति के,

चारोखुँट उजियाला।

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


शोभामोहन अष्टम तल्ला,

जाये कर जोरा ला। 

बइठे ऊपर तल्ला माया रचत निराला ।


शोभामोहन श्रीवास्तव

०१/०६/२०२१

पाटन

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