Wednesday, 15 March 2023

चौघड़िया छंद

 

चौघड़िया छंद

लिखा जाता है जो 16 और 12 मात्राओं पर यति का मात्रिक छंद है सम चरण तुक ।

1/

ना तो बोले-चाले चिटको,

ना तो वो मुस्कावै।

का होगे हे संगवारी ला,

कुच्छु समझ नइ आवै।।

2/

कोनजनी काबर रहिथे ते,

चुप-चुप मुँह ल फुलोये।

काकर सुरता आथे तेमा,

रहिथे खोये-खोये।

3/

बिहिना जाथे कहाँ-कहाँ ते,

संझा कुन घर आथे।

एको टप्पा बोल चाल नइ,

बइगुन समझ न आथे ।।

 

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