आके खड़े हे
मुहाटी करा काल -आभार सवैया*
बेरा पहागे
बिना राम के नाम, आके खड़े हे मुहाटी करा काल।
कोनो न पूछै
सरेखै इहाँ आज, ये बीत बेरा बुने हे महाजाल।।
आये करोना
दिये ला सिखोना ल, चेतौ सबो तो धरौ नीकहा चाल।
काटौ नहीं गाय मारौ
नहीं संत, दोनो बने आदमी के सदा ढ़ाल।।
हत्या करे जीव
के रोज खायेस, माने नहीं बात ला तै धरे ध्यान।
पृथ्वी सबो
जीव के ये बसे ठाँव, कोनो असेती नहीं हे इहाँ जान।
पोंसै सबो ला
सदा तत्व हा पाँच, भारी सबो के महत्ता हवै मान।।
पेले पछेले
उदेले सबो बेर, आये करोना दिये ला महाज्ञान।
शोभामोहन
०३/०४/२०२१
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