Monday, 13 March 2023

बादर डहर उड़ाहूँ मैं

बादर डहर उड़ाहूँ मैं

पिंयर पिंयर शुभहरदी छिटके,
पतिया असन बटाहूँ मैं।
गमक धमक ला फूल गँवइहा,
दुनिया भर बगराहूँ मैं।।

तिरिन असन हौं संग पवन धर,
बादर डहर उड़ाहूँ मैं।
बाँही खोल बलात समुन्दर,
नदिया असन बोहाहूँ मैं।
भाग न सोधौं आस न ओधौं,
धरम करम ला बनाहूँ मैं।
सौ सौ सुरुज उवे रस सोंखत, 
गगरी असन अँटाहूँ मैं।।
भीड़ गुदेलत बाट बेंझावत, जबर जोर धकियाहूँ मैं।

थकौं बिराजौं नहीं बाट में,
घर डीह-डोंगर जाहूँ मैं।।
खरासोन बिस्वास बिसरगे,
कइसे जग पतियाहूँ मैं।

शोभामोहन
१४/१०/२०२२

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