राजीवनयन बोल राजीव नयन
राजीवनयन बोल राजीव नयन।
मन की किंवाड़े खोल होगा दर्शन।।
कोटि कोटि पाप कटेगा इस नाम में।
कटेगा इस नाम में कटेगा इस नाम में।
कमलनयन के पुनीत इस धाम में।।
पाप पुण्य सब कुछ कर अर्पण।
राजीवनयन बोल राजीव नयन।
छोड़ छाड़ पिंजरा पखेरु उड़ जायेगा।
प्यार फिर प्रभु से तू कैसे कर पायेगा।।
अवसर पाया है तो कर सुमिरन।।
राजीवनयन बोल राजीव नयन।
आया है वो जायेगा यही तो रीत है यही तो जगरीत है।
झूठा तेरा लाग-लपेट और प्रीत है
इस मायाजाल में तू पागल न बन।।
राजीवनयन बोल राजीव नयन।
शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन
श्रीवास्तव
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