Monday, 20 March 2023

अब आजा लहरिया, लगन धरवाय।

अब आजा लहरिया, लगन धरवाय।


माया खूँटी, उसलै झूठी, दे दे बूटी,

मन सोझियाय।

अब आजा लहरिया, लगन धरवाय।


नावा जुन्ना, नत्ता दुन्ना, अउ मन उन्ना,

निचट झँवाय।

अब आजा लहरिया, लगन धरवाय।


सब दिन राती, आती जाती, सुमरन थाती,

तोर जनाय।

अब आजा लहरिया, लगन धरवाय।


आनी बानी, बाट बेंझानी,गोड़ अड़ानी, 

झन दुःख पाय।

अब आजा लहरिया, लगन धरवाय।


साध जगा मन, शोभामोहन, जीव उधारन,

अरज बर आय।

अब आजा लहरिया, लगन धरवाय।


शोभामोहन

२७/०६/२०२१

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