Monday, 20 March 2023

प्रभावती चर्चरी छंद

प्रभावती चर्चरी छंद

मणि जड़ाय सोन थार,दियना रिगबिग सँवार।

मंगल करसा मँझार, धर धर नर नारी।

मन हुलास बहत धार, बोलत जय बार बार,

रंग रंग के कर सिंगार, हें खड़े दुवारी।।

घंटा घन घनन घोर, झालर झन झन झकोर,

सुन भीजत पोर पोर, गदगद हिय भारी।।

दमउ दफड़ा दमोर, छन्न छन्न छन्न शोर,

भँवरत माते विभोर, कुलक जात वारी।।

चूमत निच्चट निहार, गिंधिया गिंधिया दुलार, 

शोभामोहन अधार, जनमे बनवारी।


शोभामोहन श्रीवास्तव

२७/०६/२०२१

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