Monday, 20 March 2023

भोलेनाथ भजन हिन्दी छंद

भोलेनाथ भजन हिन्दी छंद
हर हर महादेव

हे काशी पति हे कैलाशी,
हाथ जोड़कर अरज करूँ।।
पर्वतशिखर विराजित छवि को,
नैन मूँदकर ध्यान धरूँ।।

गंगाजल से स्नान कराऊँ,
घिसघिस चंदन लेप करूँ।
बेलपत्र चुन चुन कर लाऊँ,
दिव्य सुगंधित  भेट करूँ।।

गौघृत के मैं दीप जलाऊँ,
भोग लगाने विनय करूँ।
सब अपराध क्षमा करना प्रभु,
औघड़दानी चरण पड़ू।

शोभामोहन
१३/१२/२०२१

हर हर महादेव

महादेव तुम मेरे प्रान।
और भवानी बुद्धि ज्ञान।।
कार्तिकेय जी देना त्रान ।
जय गणेश सर्वत्र प्रधान ।। जय गंगा जयगंगा।

नंदी गण मेरे परिवार।
भौतिक तन तेरा घर द्वार।।
जोर जोर से करूँ पुकार।
अरज सुनो शंभू सरकार।। जय गंगा जयगंगा।

कायागढ़ के सारे द्वार।
भोग विषय से ग्रस्त अपार।।
कर दो मेरी नैया पार।
दे दो टिकने को आधार।। जयगंगा जयगंगा।।

विषय भोग के सब सामान।
क्षणभंगुर सुख देते दान।।
लगे जगत मिथ्या पा ज्ञान।।
अब मेरा कर दो कल्यान।। जयगंगा जयगंगा।
तेरी पूजा में भगवान ।
आये ना कोई व्यवधान।।
सोते जगते सुमिरू नाम।।
करते करते जग के काम।। जयगंगा जयगंगा।

साँस साँस हर करते जाप।
अपना पथ नापूँ चुपचाप।।
छुवे मुझे ना ये जग ताप।।
मेरी रक्षा करना आप।। जयगंगा जयगंगा ।।

शोभामोहन जग से हार।
लगा रही है तुम्हे गुहार।।
हाथ जोड़कर बारम्बार।।
खड़े खड़े जग भव मझधार।।

शोभामोहन
१३/१२/२०२१
पाटन

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