Thursday, 16 March 2023

जीवन का रथ है सृजन के लिए

 

सृजन के लिए

आगत विगत है सृजन के लिए ।

जीवन का रथ है सृजन के लिए।।

हृदय से शपथ है सृजन के लिए ।

कलम श्वेतपथ है सृजन के लिए ।।

उमड़ा ये घन है सृजन के लिए ।

मन का वजन है सृजन के लिए।।

जिया का अगन है सृजन के लिए।

पीड़ा सघन सृजन के लिए ।।

जगत आगमन है सृजन के लिए ।

श्वासा हवन है सृजन के लिए ।।

सुगंधित पवन है सृजन के लिए ।

पुलकित गगन है सृजन के लिए ।।

दिवाकर तपन है सृजन के लिए ।

धरा का वसन है सृजन के लिए ।।

विषय का छुअन है सृजन के लिए ।

विचरता ये मन है सृजन के लिए ।।

यह प्राण तन है सृजन के लिए ।

सजन का भुवन है सृजन के लिए।

सहे वह चुभन है सृजन के लिए ।।

हँसन है रुदन है सृजन के लिए ।

सकल उद्धरण हैं सृजन के लिए ।।

रहे मन मगन है सृजन के लिए ।

जीवन मरन है सृजन के लिए ।।

शोभामोहन श्रीवास्तव

०४/१०/१०१०

राजिम

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