Thursday, 16 March 2023

रास छंद

 रास छंद [सम मात्रिक]

विधान – 22 मात्रा, 8,8,6 पर यति, अंत 112

राम करै वह, होथे सुन ले, रे बइहा ।

जगती रेंगन, बाट जबर हे, रे कइहा ।।

हाथ काम मा, ओंठ नाम मा, तोर लगा ।

अउ जादा झन, गुनिया तैं बन, जोर लगा।।

शोभामोहन

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