Thursday, 16 March 2023

विमोहा छंद

 

विमोहा छंद

२१२ २१२, सूत्र-दो रगण

लालला लालला

राम सीता कहौ ।

राम सीता कहौ ।।

जीभ रीता न हो ।

राम सीता कहौ ।।

ज्ञान गंगा नहीं ।

देह चंगा नहीं ।।

हे सुभीता तभो ।

राम सीता कहौ ।

शोभामोहन श्रीवास्तव

१३/०७/२०२०

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