Thursday, 16 March 2023

अभिताप अभी अभिधेय नहीं

 

अभिताप अभी अभिधेय नहीं

अभिताप अभी अभिधेय नहीं,

अभिधायिनी अभी अभिधान न कर ।

अभिविश्रुत अभी अनुबंध नहीं,

अभिपन्न न आशा लिप्त लहर ।।

अभिज्ञान अभी अभिमान नहीं,

अभिनंदित अभी अभिसार प्रहर।

अभिज्ञान अभी अभिकांक्षी नहीं,

अभिचार अभी अभिमंत्र अधर।।

अभिनेय अभी अभिपूर्ण नहीं,

अभिभूत अभी अभिशप्त उमर ।

अभिदान अभी अभी अभिग्रहण अभी,

अभिमंड़ित अभी अभिमाद अजर।।

अभिसायं अभि संबंध नहीं,

अभिलक्ष्य अभी अभिलीन उदर।

अभीराम अभी अभिकाम अभी,

अभिपूजित अभी अभिव्यस्त विवर।।

अभिपठित अभी हृदलेख नहीं,

अभिशून्य न अभी अभिरमण जहर।

अभिनंद कहाँ अभिसंधि बिना,

अभिधर्म कहे अभिमत ईश्वर ।।

शोभामोहन श्रीवास्तव

०८/०५/२०१७

झीट पाटन

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