झन आबे मोर गाँव शहर
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
नानुक झुंझकुर बारी हे।
अँगना बीच फुलवारी हे।।
राचर लगे दुवारी हे।
घरुहा नार बिंयारी हे।।
झलझलहा छान्ही छप्पर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
लगे मेंहदी क्यारी हे।
झुंझकुर झबरा झाड़ी हे।
लोकगीत अउ गारी हे।
तिरिया करे सिंगारी हे।।
लुगरा अँचरा फरर फरर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
मंदिर कलश कंगूरा हे।
गाँव देस के गूरा हे।।
गहना पहुँची चूरा हे।
माहुर ऐड़ी पूरा हे।
बन दूबी हे जतर कतर।।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
दया मया रजधानी हे।
गउ गोठान धोवानी हे।
गोठ गुड़ी सियानी हे।
अँजुरी मंतर पानी हे।।
बबा रितोवत पसर पसर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
रुँधना बँधना भाड़ी हे।
धान किसानी आड़ी हे।।
सल्फी फलरस ताँड़ी हे।।
घाँघरा ब इला गाड़ी हे।
घास गलीचा दसे सुघर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
फरे फुले रुखराई हे।
पोरा तीज मड़ाई हे।।
थोरिक निचट कमाई हे।
तबले होत समाई हे।।
मया झरत हे टपर टपर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
मटकत नदिया धारा हे।
हाँसत गावत पारा हे।।
लहसे सुख-दुख डारा हे।
तबले होत गुजारा हे।
तैं करत बड़ लपर झपर।।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
रखिया उन्डें छानी हे।
माटी कोठ पलानी हे।।
कनिहा कसे जवानी हे।
मधुरस टपकत बानी हे।।
झन कर ऐती मटर मटर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
हँड़िया परई कनौजी हे।
अउ पतराखन भौजी हे।।
देवरबाबू फौजी हे।
रंगरसिया मनमौजी हे।।
देस धर्म बर घोर फिकर।।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
बटलोही अउ हंडा हे।
कौड़ी ताबीज गंडा हे।।
फहरत केसर झंडा हे।
टुँड़ी कोंड़हा खंडा हे।।
चारा पड़की चरत गिंजर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
धर्म संस्कृति माड़ा हे।
नाँगर बक्खर गाड़ा हे।।
बैगुन काटे झाड़ा हे।
अउ बिखहर तोर दाढ़ा हे।।
तैं सरेखथस कतर कतर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
शीतला हे महमाई हे।
राम लखन कस भाई हे।।
रामायन चौपाई हे।
अउ जसुदा कस दाई हे।।
लइका राखत नजर नजर ।।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
घाट घठौंदा तरिया हे।
अउ नदियासोन झरिया हे।।
गउचर भुँइया परिया हे।
लुगरा ठाढ़ अँचरिया हे।
रेंगत गउ दरबर दरबर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
कोइली असन गवैया हे।
बाजा कूद बजैया हे।।
गहदाये अमरैया हे।
जूड़े बहत पुरवैया हे।।
हालत डारा हलर हलर। ।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
आमा पाना तोरन हे।
बरी बिजौरी जोरन हे।।
रीत पिरित बिल्होरन हे।
तोर नाव घरफोरन हे।।
तैं लील देबे गटर गटर।
झन आबे मोर गाँव शहर।
कलजगरी हे तोर नजर।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
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