Thursday, 2 March 2023

छत्तीसगढ़ी सुआगीत फागगीत

 

१ सुआगीत  

तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।

घर के पिछोती में आमा के रुखवा रे
तरी नारी ना।
घर के पिछोती में आमा के रुखवा रे
तरी नारी ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।

आमा के डारी मा सुगना तोर बासा रे
तरी नारी ना।।
आमा के डारी मा सुगना तोर बासा रे
तरी नारी ना।।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।

गुर के भेला जइसे सुगना तोर बोली रे
तरी नारी ना।
गुर के भेला जइसे सुगना तोर बोली रे
तरी नारी ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।

अँगना परछी खोली बाहिर हे दुनिया रे
तरी ना रे ना।
अँगना परछी खोली बाहिर हे दुनिया रे
तरी ना रे ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।

सोना के पिंजरा मा जीव छटपटाथे सुआ
तरी नारी ना।।
सोना के पिंजरा मा जीव छटपटाथे सुआ
तरी नारी ना।।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।

शोभामोहन 







२ सुआगीत

तरी नारी नाना रे नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी ना नारी ना!!!
ना रे सुआ हो तरी नारी ना नारी ना!!
तरी नारी नाना रे नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी ना नारी ना!!
ना रे सुआ हो तरी नारी ना नारी ना!!

अँगना के माँझा में तुलसी के चौंरा, 
तुलसी के चँवरा रे सुआ हो।
रिगबिग दियना अंँजोर।
ना रे सुआ हो रिगबिग दिया अंजोर।
तरी नारी नाना रे नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी ना नारी ना!!
ना रे सुआ हो तरी नारी ना नारी ना!!

दुसौंधिया बेरिया हरि भजन बेरिया, 
भजन कर बेरिया रे सुआ हो। 
हरि रंग रंग ले मन तोर।। 
ना रे सुवा हो हरि रंग रंग ले मन तोर।। 

तरी नारी नाना रे नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी ना नारी ना!!
ना रे सुआ हो तरी निरी ना नारी ना!!

शोभामोहन 









३बिरहा सुआगीत


तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।

बड़ दिन होगे पिया गये परदेस मोरे,
गये परदेस मोरे सुआ हो।
भेजत मोबाइल म संदेस।
ना रे सुआ हो भेजत मोबाइल म संदेश।।

तरसत आँखी मोर पिया के दरस बर,
पिया दरस बर सुआ हो,
बाढ़त मन मा कलेस।।
नारे सुआ हो बढ़त हे मन मा कलेस संदेस।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।

पूस महीना में ओस झरत झरझर
ओस झरत झरझर सुआ हो।
सुरता मा मन अइलात।
ना रे सुआ हो सुरता मा मन अइलात।

अमुवा के डारी बैरी रिंगीचिंगी मउरे
रिंगीचिंगी मउरे सुआ हो।
धरत टिकोरा गहदात।।
ना रे सुआ हो धरत टिकोरा गहदात।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो।
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।

आवत आवत कोने मेर बिलमगे,
कोने मेर बिलमगे सुआ।
अगोरत आँखी पथरात।
ना रे सुआ हो अगोरत आँखी पथरात।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो।
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।

शोभामोहन












४ तिरिया महिमा सुआगीत

तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना। 

तिरिया जनम मिले सुख सिरजाय बर, सुख सिरजाये बर, सुआ हो।
तिरिया ले घर के सिंगार।
ना रे सुआ हो तिरिया ले घर के सिंगार ।।

बिटिया बहुरिया के रूप मा सँउहत लछमी,
रूप मा सँउहत लछमी,
सरग ले उतरै घर द्वार।।
नारे सुआ हो सरग उतरै घर द्वार।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना। 
तुलसी के दल कस पबरित सबदिन,
पबरित सबदिन सुआ हो
करै कुल वंश बढ़वार।
ना रे सुआ हो करै कुल वंश बढ़वार।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना। 

तिरिया घरधारन तिरिया कुलतारन, तिरिया कुलतारन रे सुआ हो।
तिरिया जगत के अधार।
ना रे सुआ हो तिरिया जगत के अधार।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो।
तरी नारी नाना रे ना।।
ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।

शोभामोहन 

५. गौरी गौरा सुआगीत

तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना, 
इसरदेव बम भोले। 
गौरी ला जावत बिहाये इसरदेव बम भोले।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना, 
इसरदेव बम भोले। 
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना, 
इसरदेव बम भोले।
गौरी गौरा ल जगाबो माटी के सुआ बोले। 
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना, 
इसरदेव बमभोले। 
भूतवा परेतवा के संगी गोसैया, 
इसरदेव बम भोले। 
चंदा उजाला मुड़ बिखहर माला, 
छबि ला देख मन डोले। 
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना, 
इसरदेव बमभोले। 

शोभामोहन 

 














६. सुआगीत

कोइली कुहकत है डार मा,तरिया के पार कोइली कुहकत हे।
कोइली कुहकत है डार मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।

पहिली गवन के मोर लुगरा हे लाली, 
कोइली कुहकत हे।
पहिली गवन के मोर लुगरा हे लाली, 
कोइली कुहकत हे।
पिंवरी धोवाये आही पिया काली, 
कोइली कुहकत हे।
पिंवरी धोवाये आही पिया काली, 
कोइली कुहकत हे।
कोइली कुहकत हे डार मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
छूटत भाई ददा बहिनी महतारी, 
कोइली कुहकत हे।
छूटत ननपन के संगी संगवारी,
कोइली कुहकत हे।
कोइली कुहकत है डार मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
कोइली कुहकत है डार मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।

शोभामोहन









७. सुआगीत

तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना 
कोइली कुहकत है बाग मा सुआ ना,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना 

नवा गवन के मोर लुगरा हे लाली, 
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना 
पिंवरी धोवाये आही पिया काली, 
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना 

कोइली कुहकत है बाग मा,आमा के डार
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना 
छूटत भाई ददा बहिनी महतारी, 
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना। 

छूटत ननपन के संगी संगवारी,
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना। 
कोइली कुहकत है बाग मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना।

शोभामोहन

















८.सुआगीत 

तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर। 
बेटी के धरम निभाये सिखोथे, रमायन हर।
धर्म अउ करम निभाये सिखोथे, रमायन हर।। 
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

भाई के धरम निभाये सिखोथे, रमायन हर।
सेवा के धर्म निभाये सिखोथे, रमायन हर।
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

भरत कस धरे बैराग सिखोथे रमायन हर। 
कैकेयी कस लेये कलंक सिखोथे, रमायन हर।।
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

लछमन जइसे तियाग सिखोथे, रमायन हर।
शबरी कस करे अनुराग सिखोथे, रमायन हर।
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

केंवट कस करे मितानी सिखोथे, रमायन हर।
रघुबर कस करे सियानी सिखोथे, रमायन हर।
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

बने हनुमत कस बजरंगा सिखोथे, रमायन हर।
मन ला करे पबरित गंगा सिखोथे, रमायन हर।
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

धर्म अधर्म पहिचाने सिखोथे, रमायन हर।
मनखे ला उठे ऊँचाने सिखोथे, रमायन हर। 
सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

जटायु जइसे पुरसारथ सिखोथे, रमायन हर।
तजे अपन सुख स्वारथ सिखोथे, रमायन हर।सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना 
तरी ना रे ना ना ना ना। 

शोभामोहन 

















९.सुआगीत


तरी नारी ना ना मोर नाना रे ना ना 
रे सुआ हो तरी नारी ना ना रे ना। 
रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना 
कठवा ला घुन्ना खावै, जग पतियाय। 
ना रे सुआ हो, मन घुन्ना कोने ला जनाय।
तरी नारी ना ना मोर नाना रे ना ना 
रे सुआ हो तरी नारी ना ना रे ना। 
रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।


शोभामोहन




१.फागगीत 

फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।। 

होरी खेले नंदलाल। 
पिचकारी ला निकाल।। 
ओमा भरे रंग लाल। 
राधारानी ला रंगाये रंगाये रंगाये। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

खोली कोती हे लुकात।। 
मन मन मुसकात।
राधारानी हे सधात।।
कान्हा के रंग मा रंगाये रंगाये रंगाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

कान्हा छींचत गुलाल। 
कान्हा छींचत गुलाल।। 
ग्वाला मिरदंगा बजाये बजाये बजाये।।
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

सुध बुध ला भुलाय।
सब होरी खेले आय।। 
सबो रंग मन भाय।। 
बिधुन नगाड़ा बजाये बजाये बजाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

राधा रानी हा लजात। 
बान नैन के चलात।। 
खोली कोती हे लुकात।।
कान्हा हावै हुरियाये हुरियाये हुरियाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

कोनो हावै भंग खाय। 
कोनो हावै रंग लाय।। 
होरियारा संग लाय।। 
फगुवा के रंग मा मताये मताये मताये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।
माते गोकुल मतवार।
गली पारत गोहार।। 
रंग बरसत धार।। 
करके इशारा बलाये बलाये बलाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।। 

शोभामोहन 









२. फागगीत 

फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।। 
होरी खेले नंदलाल। 
पिचकारी रंग लाल।। 
राधारानी ला रंगाये रंगाये रंगाये। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

मन मन मुसकाय।
राधारानी हे सधाय।।
कान्हा के रंग मा रंगाये रंगाये रंगाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

कान्हा मलत गुलाल। 
राधा रनिया के गाल।। 
ग्वाला मिरदंगा बजाये बजाये बजाये।।
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

सुध बुध ला भुलाय।
सब होरीयारा आय।। 
बिधुन नगाड़ा बजाये बजाये बजाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

राधा रानी हे लजात। 
बान नैन के चलात।। 
कान्हा हावै हुरियाये हुरियाये हुरियाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

कोनो हावै भंग खाय। 
कोनो हावै रंग लाय।। 
फगुवा के रंग मा मताये मताये मताये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।।

माते सबो मतवार।
गली पारत गोहार।। 
संगी साथी ला बलाये बलाये बलाये।। 
फागुन महीना हे आये हे आये हे आये।। 

शोभामोहन 















३.फागगीत 

फागुन महीना रंग रझरझ बरसा

फागुन महीना रंग रझरझ बरसा।
फागुन महीना रंग रझरझ बरसा।। 

बनत कलेवा पिड़िया अउ अरसा । 
फागुन महीना रंग रझरझ बरसा।। 

रंगे रंगाये बर काया के करसा।
फागुन महीना रंग रझरझ बरसा।। 


भाँगे खवैया गिरत मूड़भरसा।
फागुन महीना रंग रझरझ बरसा।। 

रंग चढ़ा दे चुक हिरदे ला हरसा। 
फागुन महीना रंग रझरझ बरसा।। 

माते होरी मा भुलावौं घर धरसा।
फागुन महीना रंग रझरझ बरसा।। 

शोभामोहन 












४.फागगीत राग हिंडोल वसंत

उड़त गुलाल गली गोकुल के,नंदलाल खेलत होरी।
नंगत हे हुड़दंग मचावत, रंग लगा रधिया गोरी।। 
बचत बचत सब भगत गुवालिन, रंग बरसत सब ओरी।
गाल गुलाल गुवाल लगावत, दल बल टोली जोरी।।
बाजत माँदर नाल नगाड़ा, रस रंग जन मन बोरी।
बाल जवान अउ बुढ़ुवा मन, लानत हे रंग घोरी।।
धरनी में सुख परम अलौकिक, लूटत बिरिज किशोरी।।
शोभामोहन के रंगरसिया, करत जबर बरजोरी।।

शोभामोहन


५.फगुनवा हे छत्तीसगढ़ी लोकगीत

सिंगार फगुनवा जुगल छबि के, सिंगार फगुनवा हे।।
ब्रजकिशोर वृषभानुलली के, सिंगार फगुनवा हे।
सिंगार फगुनवा जुगल छबि के, सिंगार फगुनवा हे।।
मूड़ मटुकिया लटक फगुनवा,
कद काछनी रंग चटक फगुनवा,
बैन नैन के मटक फगुनवा,
मूड़ में पीक मँजूर कुंडल, गरहार फगुनवा हे।।
ब्रजकिशोर वृषभानुलली के, सिंगार फगुनवा हे।
सिंगार फगुनवा जुगल छबि के, सिंगार फगुनवा हे।।
माथा खउरा चंदन फगुनवा,
पागा पागी बदन फगुनवा,
नंदनंदन सुखसदन फगुनवा,
मोती मणि माणिकमाला, उजियार फगुनवा हे।
ब्रजकिशोर वृषभानुलली के, सिंगार फगुनवा हे।
सिंगार फगुनवा जुगल छबि के, सिंगार फगुनवा हे।।
चोली चुंदरिया रंग फगुनवा।
गाँठ बँधाये संग फगुनवा।।
झुमका झुलत मलंग फगुनवा।।
रुनुक झुनुक पैजन चूरी, झनकार फगुनवा रे।
ब्रजकिशोर वृषभानुलली के, सिंगार फगुनवा हे।
सिंगार फगुनवा जुगल छबि के, सिंगार फगुनवा हे।।
ढोल नगाड़ा थाप फगुनवा।
भुँइया देत अलाप फगुनवा।।
पिया पिया के जाप फगुनवा।।
रंगत रंग ब्रज अपन संग, सरकार फगुनवा हे।।
शोभामोहन के जीवनधन, करतार फगुनवा हे।
ब्रजकिशोर वृषभानुलली के, सिंगार फगुनवा हे।
सिंगार फगुनवा जुगल छबि के, सिंगार फगुनवा हे।।
शोभामोहन



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