बेटी बिदा
असीद गीत
(शार्दूल विक्रीड़ित छंद)
न्यौता
पीतरदेव डीह पुरखा,
जोड़ा म फेरी करे।
दाई बाप
मनात देव कुल के,
छाया हँथेरी करे ।।
बाजा माँदर झाँझ माँझ झनके,
आमा सजे द्वार हे।
लाने बाँस कटा गड़ाय मड़वा,
जोड़े सगा पार हे।।
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कैना तेलमऊर हाथ हँथवा,
फूफू
सुवासी धरे ।
भौजी पीस
लगात तेल हरदी,
दाई ह
आँँछी करे ।
जम्मो नेग
नता निभात बढ़के,
बोली सुवासी भरे ।
आगे हे
धरके बरात दुलरू,
कैना
बिहाये बरे ।।
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बेटी फूल सरीख आज सँवरे,
होये बिहाती खड़े ।
देवो आव असीद देव दुलहा,
हे भाग जागे बड़े ।।
जोड़ी-जाँवर
हे फबे सुघर के,
सोला
सिंगारी सजे ।
चूरी अम्मर
होय माँग दमकै,
रानी
दुलारी सजे ।।
सोहागीन
सखी भरै अँजुरिया,
खावैं
जुड़ावैं सदा ।
पाही आज
असीद तेन फुरही,
आवौ असीदौ
ददा ।।
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काँटा गोड़
गडै़ झने जुगल के,
येही असीदै
बबा ।
दूधे खाय
नहा अँचोंय लइका,
येही असीदै
कका ।।
होवैं एक ह
एकईस बढ़के,
येही असीदै
ममा ।
जोही हा फल
फूलके मगन हो,
येही असीदै
मया ।।
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जोंड़ा पाँव
पखार नैन जल ले,
आँसू ददा
हे ढ़कै ।
दाई के गति
ला बता शबद मा,
कोनो नहीं तो सकै ।।
भाई रोत
कहै सुजान बहिनी,
भौजी कहै
जा गड़ी ।
दाई के अउ
नैन धार बरसै,
ना तो
थिरावै झड़ी ।।
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माया गाँव
बिराजमान रहिना,
बेला लमा
वंश के ।
जुग्गा नाम
जगात भागधर हो,
जोड़ी चरौ
हंस के।।
ओली मा शुभ
के भरे अँजुरिया,
ड्योढ़ी
अमाबे सुआ।
शोभामोहन
देत हे बिदा बिटिया,
खाबे कमाबे
सुआ ।।
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शोभामोहन
श्रीवास्तव
खुश्बूविहार
कालोनी
23/06/2020
कौड़ी मोल
बेचात आज मनखे
शार्दूल
विक्रीड़ित छ.ग.
कौडी मोल
बिकात आज मनखे,
देखौं बने
छांट के ।
कोनो बेर जबान
खातिर मरै,
होगे उही हाट
के ।
बेंचें भांँज
मलोय मान मनखे ,
होती मरे ठाठ
के ।
दाना देख ललाय
खाय दउरे,
होती अरे पाट
के ।
बेरा में
बिपती न चिन्हे सग सगा,
माया मया मत
मता ।
चेते चेत चेराय चारा
चुरमुरा
शोभामोहन
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