Saturday, 11 February 2023

आज तेरी जो डोली निकली

 

आज तेरी जो डोली निकली

 

 

आज तेरी जो डोली निकली बाराती नाती नंदोई

सिसक रहा आॅंगन गलियारा जाने तू क्या चीज संजोयी

 

कैसे कौन बुलाया तुमको कोई रोक न पाया तुमको

इस जग का नाता-आहाता भुला गयी तू सोयी सोयी

 

स्बको अपने गले लगाती, अनजानों पर नेह लुटाती

तेरे जैसा तो इस जग में, हो पाता है कोई कोई

षुभचन्द्रसूर्या षोभामोहन

 

।।भूरीदाई नारायण की पत्नी को समर्पित।।

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