Tuesday, 21 July 2020

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जोत ले परिया खेत
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जोत ले परिया खेत रे हँसा,
जोत न परिया खेत ।
आवत-जावत साँस सधै तब,
अमरित के घट देत ।।
रे हँसा जोत ले परिया खेत.............१/
बेर कटारी जइसे होके,
देही टोंटा रेत ।
रे हँसा जोत ले परिया खेत .............२/
अंग जनावत हे शुभ मंगल
बेरा देउत देत ।
रे हँसा जोत ले परिया खेत.............३/
बन काँदी के जर उपकाये,
थोरिक तो चेत ।
रे हँसा जोत ले परिया खेत.............४/
दिन-दिन पाग बतर के बुलकत,
चूँदी होवत सेत ।
रे हँसा जोत ले परिया खेत..............५/
का-का जोरन-भारन हावय,
बकठउनी सब लेत ।
रे हँसा जोत ले परिया खेत............६/
अब उराठ कहूँ नइ होये,
परही जगती बेत ।
रे हँसा जोत ले परिया खेत............७/
शोभामोहन सँभल-सँभल चल,
जाये कोती नेत ।
रे हँसा जोत ले परिया खेत.............८/
शोभामोहन श्रीवास्तव
खुश्बूविहार
१९/०६/२०२०
Mohan Srivastava Poet, Archna Dubey और 9 अन्य लोग
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