Tuesday, 21 July 2020

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झन भुलवार नही मैं मानौ
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छोटे-मोटे जिनिस बजरहा ।
चारे दिन चल इया सरहा ।।
दे झन टार नहीं मैं जानौ ।
झन भुलवार नहीं मैं मानौ ....................
जगमाया किरचा गड़गे हे ।
पुन बढ़गे हे धुन चढ़गे हे ।।
गुन भर दिन अउ रात बखानौ ।
झन भुलवार नही मैं मानौ ।।..................
शोभामोहन पर लागत जग ।
का परगोती का असलग सग ।।
अब नइ अउ जर मूल उखानौ ।
झन भुलवार नहीं मैं मानौं .................
शोभामोहन श्रीवास्तव
खुश्बूविहार
१५/०८/२०१९

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