ब ए तोला कोन बताय (सरसी)
उम्मर भर गौंतरिहा बनके,
अपने गाँव भुलाय । अब ए तोला ..........
भटके रहिते बाट पूछथे,
जान सून मिटकाय। अब ए तोला..........
हाट बाट जा आँखी नाचत,
रिंगीचिंगी धरवाय। अब ए तोला ................
कठवाये मन-तन बेरा पुर,
लोहा घलो घुनाय। अब ए तोला..................
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शोभामोहन
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