Tuesday, 21 July 2020

राम भजन कर ले रे मनवा
राम भजन कर ले ।।
सब करवाइन हुकुम बिगारी।
कोनो नइ देइन बनिहारी ।।
कुछु अरजन कर ले रे मनवा राम भजन .......
दुख पीरा के गीत बनाये ।
अउ भैरा जग मेर चिचियाये ।।
दूसर मन कर ले रे मनवा राम भजन........
एक परत अउ दाँव लगा ले।
चुलुक मन हरि छाँव लगा ले।।
चोला धन कर ले रे मनवा राम भजन ...........
शोभामोहन
१६/०१/२०२०

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...