Tuesday, 21 July 2020

/पिया रंगरसिया रंग लहराँव.....
(राग पहाड़ी)
पिया रंगरसिया रंग लहराँव
सबके बेड़ा पार करइया,
भव फदके सोरियाँव। पिया रंगरसिया..........
जेन बिमुख हे तोर डहर ले,
ओकर खुँदव न छाँव। पिया रंगरसिया........
पुन के जोरन-भारन नइ हे,
तबले आस लगाँव । पिया रंगरसिया.........
कीचक अजामिल पापी तारे,
ते सेती पतियाँव । पिया रंगरसिया........
जग के गारी कान के बारी,
समझँव मूड़ नवाँव । पिया रंगरसिया.......
आज मरौं ते काल मरौं मैं,
आन बाट नइ जाँव ।। पिया रंगरसिया.......
रहे बसे जग मन नइ लागै,
बनके बिंहग उँडाव।। पिया रंगरसिया......
चोला खूँटा हवय बँधाये,
मन भाड़ी भसकाँव ।। पिया रंगरसिया.......
उटकट लागत बोली भाखा,
ए स्वारथ के गाँव ।। पिया रंगरसिया.........
शोभामोहन अधर जगत मा,
रहत हथेंरी छाँव ।। पिया रंगरसिया..........
शोभामोहन
१२/०१/२०२०

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