घाट मा मणिकर्णिका
राख के कुड़ही म बदलत,घाट मा
मणिकर्णिका।
उठत लपटा माँस टघलत,घाट मा
मणिकर्णिका।
एक रतिहा भर पहा ले, घाट मा
मणिकर्णिका।
अपन होती ला थहाले, घाट मा
मणिकर्णिका।
रावरा कंगाल दिखथे, घाट मा
मणिकर्णिका।।
एक सबके हाल दिखथे,घाट मा
मणिकर्णिका
सोझियाही चेत पगला, घाट मा
मणिकर्णिका ।
जाय बर हे सब जगत ला , घाट मा
मणिकर्णिका।।
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